Lok Sabha Election 2024 5th phase: पांचवें चरण के लिए देश भर के राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने अपने दाखिल किए नामांकन में दिए हलफनामे में पता चला है कि 695 उम्मीदवारों में से 159 ने बताया कि उनपर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। जबकि, 122 ने बताया कि उनपर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, वहीं 3 ऐसे भी उम्मीदवार हैं, जिन्हें कोर्ट ने आरोपी घोषित किया हुआ है। इनमें 4 ऐसे भी कैंडिडेट हैं, जिनपर हत्या में शामिल होने में आईपीसी की धारा 302 के तहत मामला दर्ज है। यह रिपोर्ट एडीआर द्वारा सामने आई है।
28 उम्मीदवार ऐसे भी जिनपर हत्या के प्रयास में आईपीसी की धारा 307 के तहत मामला दर्ज है। हालांकि, 29 उम्मीदवारों ने जमा किए हलफनामे में बताया कि उनपर महिलाओं से जुड़े क्राइम में संलिप्त होने के आरोप में केस दर्ज हैं। 29 में से एक उम्मीदवार पर तो आईपीसी की धारा 376 के तहत रेप में केस दर्ज है।
वहीं, 10 ऐसे उम्मीदवार हैं, जिनके ऊपर भड़काउं भाषण देने के आरोप में केस दर्ज है। अब आप ये जान लीजिए कि किस पार्टी के उम्मीदवार पर केस दर्ज है। सबसे पहले समाजवादी पार्टी का नाम आता है, जहां उनकी इस फेज में लड़ रहे 10 में से 5 यानी 50 फीसदी उम्मीदवारों पर मामले दर्ज है। फिर शिवसेना का नाम आता है, जिनके भी 6 में से 3 यानी 50 फीसद उम्मीदवारों पर केस दर्ज है। इनके बाद हैदराबाद से दम भर असदुद्दीन ओवैसी के द्वारा बनाए गए 4 में से 2 यानी 50 फीसदी उम्मीदवारों पर केस दर्ज है।
दूसरी ओर भाजपा की इस फेज में लड़ रहे 40 में से 19 उम्मीदवारों यानी 48 फीसद पर केस दर्ज, कांग्रेस के 18 में से 8 यानी 44 फीसद पर केस दर्ज, तृणमूल कांग्रेस के 7 में से 3 उम्मीदवारों (43 फीसद) पर मामले दर्ज, उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना के 8 उम्मीदवारों में से 3 यानी 38 फीसद पर केस दर्ज है। इसके अलावा बिहार के तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाली पार्टी 4 में से एक पर यानी 25 फीसदी पर और अंतिम में ओडिशा में मौजूदा सत्तारूढ़ दल यानी बीजू जनता दल के 5 में से 1 उम्मीदवार (20 फीसद) उम्मीदवारों पर क्रिमिनल मामले दर्ज हैं।
गंभीर आपराधिका मामलों में इन पर केस दर्जगंभीर मामलों में एआईएमआईएम के 4 में से 2 उम्मीदवार, सपा के 10 में से 4 यानी 40 फीसद, कांग्रेस के 18 में से 7 यानी 39 फीसद, शिवसेना (एकनाथ शिंदे) के 6 में से 3 यानी 33 फीसदी, भाजपा के 40 में से 12 यानी 30 फीसद, तृणमूल कांग्रेस के 7 में से 2 यानी 39 प्रतिशत, आरजेडी के 4 में से 1 यानी 25 फीसद और शिवसेना यूबीटी के 8 में से 1 यानी 13 फीसदी उम्मीदावरों पर गंभीर आपराधिका मामले दर्ज हैं।