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लोकसभा चुनाव 2019: बीजेपी की रणनीति और राजनीतिक प्रबंधन से निपटना कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती है!

By प्रदीप द्विवेदी | Updated: March 3, 2019 18:30 IST

कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में गुजरात विधानसभा चुनाव जैसे नतीजे मिल सकते हैं, मतलब- जीती हुई बाजी हाथ से निकल सकती है!

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ठळक मुद्देयदि कांग्रेस ने पाॅलिटिकल मैनेजमेंट पर ध्यान नहीं दिया तो लोकसभा चुनाव में कामयाबी मिलना बेहद मुश्किल है.बीजेपी ने बैक फुट पर जा कर भी कई राज्यों में गठबंधन किए है, क्योंकि उन राज्यों में गठबंधन नहीं होता तो बीजेपी को बड़ा नुकसान हो सकता था.

जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव करीब आ रहे है, वैसे-वैसे बीजेपी की चुनावी रणनीति और राजनीतिक प्रबंधन असर दिखा रहा है, जाहिर है इससे पार पाना कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती है?

बीजेपी कार्यकर्ताओं का जोश 

एक- कार्यकर्ताओं का जोश. कोई भी चुनाव कार्यकर्ताओं के जोश पर बहुत ज्यादा निर्भर होता है, पीएम मोदी की टीम इस मामले में कांग्रेस से बहुत आगे हैं. कार्यकर्ताओं में जोश को जगाने के लिए बीजेपी नेतृत्व की ओर से कई तरह की गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं, जैसे- कुछ समय पहले पीएम मोदी ने पन्द्रह हजार स्थलों पर करीब एक करोड़ बीजेपी कार्यकर्ताओं से संवाद किया था. याद रहे, यह विश्व का सबसे बड़ा वीडियो कान्फ्रेंस था.  

दो- अपने पक्ष के मुद्दों को प्रभावी बनाना. ऐसे कई मुद्दे हैं, जिनके सामने आने पर बीजेपी को नुकसान हो सकता है, लेकिन बीजेपी नेतृत्व ऐसे मुद्दों को पीछे कर के आतंकवाद को जवाब देने जैसे मुद्दों पर फोकस हो रहा है. यह ऐसा मुद्दा है, जिस पर तत्काल परिणाम दिया जा सकता है और इसका श्रेय भी केन्द्र सरकार को ही मिलेगा.

तीन- गठबंधन. बीजेपी ने बैक फुट पर जा कर भी कई राज्यों में गठबंधन किए है, क्योंकि उन राज्यों में गठबंधन नहीं होता तो बीजेपी को बड़ा नुकसान हो सकता था, जैसे- महाराष्ट्र में यदि शिवसेना को साथ नहीं लेती बीजेपी तो सीटों का तो नुकसान होता ही, केन्द्र में एक बड़ा सहयोगी भी कम हो जाता.

कांग्रेस नेताओं का विवादित बयान 

चार- पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले मुद्दों, बयानों पर नियंत्रण. बीजेपी और उससे जुड़े संगठन अब न तो राम मंदिर निर्माण जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं और न ही विवादास्पद बयान सामने आ रहे हैं, जबकि कांग्रेस के कुछ नेता लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं, जिनसे कांग्रेस पार्टी को तो नुकसान हो ही रहा है, जनता में भी गलत संदेश जा रहा है.

पांच- जहां बीजेपी पाॅलिटिकल मैनेजमेंट पर फोकस हो कर लोकसभा चुनाव लड़ने जा रही है, वहीं कांग्रेस केवल चुनावी माहौल पर निर्भर है.

बीजेपी का पॉलिटिकल मैनेजमेंट 

उल्लेखनीय है कि एमपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी ऐसे सियासी संकेत थे कि उपचुनावों की तरह ही बीजेपी को करारी हार मिलेगी, लेकिन पाॅलिटिकल मैनेजमेंट के दम पर बीजेपी ने अपनी स्थिति काफी सुधार ली, जिसके कारण जहां बीजेपी सीटों के मामले में तो कांग्रेस को टक्कर दे ही रही थी, प्राप्त मत प्रतिशत के मामले में बराबरी पर पहुंच गई थी.

इस वक्त भले ही 2014 वाला बीजेपी के पक्ष का चुनावी माहौल नहीं हो, भले ही कांग्रेस के लिए बेहतर संभावनाएं हो, लेकिन यदि कांग्रेस ने पाॅलिटिकल मैनेजमेंट पर ध्यान नहीं दिया तो लोकसभा चुनाव में कामयाबी मिलना बेहद मुश्किल है. कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में गुजरात विधानसभा चुनाव जैसे नतीजे मिल सकते हैं, मतलब- जीती हुई बाजी हाथ से निकल सकती है! 

टॅग्स :लोकसभा चुनावकांग्रेसभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)राहुल गांधीनरेंद्र मोदी
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