लोकसभा: 8 विपक्षी सांसदों का निलंबन रद्द, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रस्ताव किया पेश
By सतीश कुमार सिंह | Updated: March 17, 2026 12:46 IST2026-03-17T12:40:15+5:302026-03-17T12:46:01+5:30
निलंबित सदस्यों में गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, सी किरण कुमार रेड्डी, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, मणिक्कम टैगोर, प्रशांत पाडोले और डीन कुरियाकोस (सभी कांग्रेस) तथा एस वेंकटेशन (सीपीआई (एम)) शामिल हैं।

file photo
नई दिल्लीः लोकसभा ने विपक्ष के आठ सदस्यों का निलंबन रद्द करने का प्रस्ताव पारित किया। लोकसभा ने मंगलवार को उन आठ विपक्षी सदस्यों का निलंबन रद्द कर दिया जिन्हें संसद के बजट सत्र के पहले चरण में सदन की अवमानना के मामले में निलंबित किया गया था। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सभी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें आठ विपक्षी सदस्यों का निलंबन वापस लेने पर सहमति बनी थी। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के आठ सदस्यों का निलंबन रद्द करने का प्रस्ताव पेश किया।
Lok Sabha adopts motion for revoking suspension of eight Opposition members https://t.co/T25bqZtTjhpic.twitter.com/yNlGUXmRSg
— ANI (@ANI) March 17, 2026
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा बुलाई गई बैठक में लिए गए फैसले के बाद आठ विपक्षी सांसदों का निलंबन रद्द किया गया। बजट सत्र के पहले भाग में लोकसभा द्वारा पारित प्रस्ताव के बाद अनुशासनहीन व्यवहार के आरोप में 3 फरवरी को 7 कांग्रेस और एक सीपीआई (एम) सांसद को निलंबित कर दिया गया था।
हालांकि इन आठ सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित किया गया था, जो 2 अप्रैल को समाप्त होने वाला है, विपक्षी दल लोकसभा की किसी एक बैठक के दौरान अध्यक्ष से निलंबन रद्द करने का आग्रह कर रहे हैं। कांग्रेस नेता के सुरेश ने बताया कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू मंगलवार दोपहर को लोकसभा में निलंबन रद्द करने का प्रस्ताव पेश किया।
निलंबित सदस्यों में गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, सी किरण कुमार रेड्डी, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, मणिक्कम टैगोर, प्रशांत पाडोले और डीन कुरियाकोस (सभी कांग्रेस) तथा एस वेंकटेशन (सीपीआई (एम)) शामिल हैं। सत्ताधारी और विपक्षी दोनों पक्षों ने सहमति जताई कि कोई भी पक्ष दूसरे पक्ष से टकराव के लिए सदन के वेल में नहीं जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में लिए गए एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में यह भी कहा गया है कि कोई भी सदस्य कागज फाड़कर अध्यक्ष या कुर्सी की ओर नहीं फेंकेगा। साथ ही, कोई भी सदस्य विरोध दर्ज कराने के लिए पदाधिकारियों की मेज पर नहीं चढ़ेगा। रविवार को बिरला ने कुछ सांसदों द्वारा सदन में बैनर, तख्तियां, पोस्टर दिखाने और आपत्तिजनक भाषा के प्रयोग पर "गहरी चिंता" व्यक्त की थी।