मुंबई, 31 जुलाई फिल्मकार ओनिर का मानना है कि असमानता समाज को तब तक सताती रहेगी जब तक एलजीबीटीक्यू समुदाय और महिलाओं सहित विभिन्न वर्गों को समान अधिकार नहीं मिल जाते।
‘आई एम’ और ‘माय ब्रदर निखिल’ जैसी फिल्मों से मशहूर हुए ओनिर अभिनेत्री रिचा चड्ढा के साथ 2021 के इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (आईएफएफएम) में लघु फिल्म स्पर्धा में निर्णायक मंडल में शामिल होंगे। इस वर्ष की प्रतियोगिता का विषय आधुनिक दासता और समानता है।
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक का मानना है कि यह जरूरी है कि लोग भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाएं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह अधिक महत्वपूर्ण है कि हम सभी मानवता के उन सबसे बुरे रूपों के बारे में बोलना शुरू करें, जहां एक इंसान दूसरे इंसान का अपमान, दमन और शोषण करता है।’’
ओनिर ने कहा, ‘‘हर दिन हम समाचारों में सुनते हैं कि किसी को उसकी जाति, धर्म या महिला होने के कारण धार्मिक स्थलों में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई। असमानता बनी हुई है। यह बहुत शर्म की बात है कि हम इतनी असमानता वाली दुनिया में रहते हैं।’’
एलजीबीटीक्यू समुदाय के मुखर सदस्य रहे फिल्म निर्माता ने कहा, ‘‘हमारे पास अभी भी समान अधिकार नहीं हैं, भले ही हम एक लोकतांत्रिक देश में रहते हैं।’’
आईएफएफएम का भौतिक रूप से आयोजन 12 से 20 अगस्त तक होगा जबकि समूचे ऑस्ट्रेलिया में इसका ऑनलाइन संस्करण 15 से 30 अगस्त तक होगा।
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