लाइव न्यूज़ :

केंद्र सरकार में कुछ खास स्तरों पर लेटरल एंट्री के दोहरे उद्देश्य हैं :केंद्रीय मंत्री

By भाषा | Updated: December 6, 2021 20:56 IST

Open in App

नयी दिल्ली, छह दिसंबर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को कहा कि ‘लेटरल एंट्री’ का दोहरा उद्देश्य, केंद्र सरकार में खास स्तरों पर नयी प्रतिभा को लाना और मानव संसाधन बढ़ाना है।

लेटरल एंट्री के जरिए निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों को सरकारी विभागों में नियुक्त किया जाता है।

सिंह ने कहा कि कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने 10 संयुक्त सचिव सहित 38 उम्मीदवारों की नियुक्ति को मंजूरी दी है। संघ लोग सेवा आयोग ने उनकी नियुक्ति अनुबंध या प्रतिनियुक्ति आधार पर करने के लिए की थी।

कार्मिक राज्य मंत्री ने कहा कि लेटरल एंट्री प्रक्रिया के दोहरे उद्देश्य हैं, केंद्र सरकार में कुछ खास स्तर पर नयी प्रतिभा को लाना और मानव संसाधन बढ़ाना।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

क्रिकेटSRH vs LSG: ऋषभ पंत ने दिखाया कमाल, अर्धशतक जड़कर लखनऊ को IPL 2026 की पहली जीत दिलाई

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

क्राइम अलर्टबिहार के मोतिहारी जिले में जहरीली शराब कांड में मरने वालों की संख्या हुई 10, कई लोगों की स्थिति अभी भी गंभीर

भारत अधिक खबरें

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया

भारतबिहार में CM नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग को लेकर महिलाओं ने शुरू किया सत्याग्रह

भारतयूपी में स्थापना दिवस के जरिए लोगों के घर-घर पहुंचेगी भाजपा, लोगों को PM मोदी और योगी सरकार की उपलब्धियां बताएँगे पार्टी पदाधिकारी

भारतWATCH: बिहार के सारण जिले में जदयू के प्रखंड अध्यक्ष का एक लड़की के साथ अश्लील वीडियो वायरल, दोनों आपत्तिजनक अवस्था में थे खेत में एक लड़की नेता के पीछे भाग रही है

भारतबिहार में सत्ता हस्तांतरण को लेकर सियासी हलचल हुई तेज, 12 अप्रैल को नीतीश कुमार दे सकते हैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा, भाजपा में मुख्यमंत्री को लेकर जारी है मंथन