लाइव न्यूज़ :

लालू यादव की जमानत याचिका पर अब 29 नवंबर को होगी सुनवाई, शुक्रवार को शोकसभा के चलते टली

By भाषा | Updated: November 23, 2019 01:03 IST

लालू यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई शुक्रवार दोपहर बाद न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ के सामने होनी थी, लेकिन शोकसभा के चलते ऐसा नहीं हो सका।

Open in App

झारखंड उच्च न्यायालय में चारा घोटाले से जुड़े दुमका कोषागार से गबन के मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अधिवक्ता एन होदा के निधन के चलते पूर्ण पीठ ने शोक व्यक्त करते हुए सुनवाई स्थगित कर दी। अब लालू की जमानत याचिका पर 29 नवंबर को सुनवाई होगी। लालू यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई शुक्रवार दोपहर बाद न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ के सामने होनी थी, लेकिन शोकसभा के चलते ऐसा नहीं हो सका।

सीबीआई ने इस मामले में अपना जवाब न्यायालय के समक्ष दो दिनों पूर्व दाखिल कर दिया है, जिसमें उसने लालू को भ्रष्टाचार के इस मामले में जमानत दिये जाने का सख्त विरोध किया है। सीबीआई ने लालू प्रसाद की जमानत का विरोध करते हुए कहा है कि लालू प्रसाद ने दुमका कोषागार मामले में जमानत दाखिल की है। इस मामले में लालू ने मात्र 22 माह ही जेल में बिताया है। ऐसे में सजा की आधी अवधि भी पूरी नहीं हो रही है। जबकि सर्वोच्च न्यायालय भी इस मामले में उनकी याचिका खारिज कर चुका है। जहां तक उनके स्वास्थ्य की बात है तो रिम्स के चिकित्सक लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रहे हैं। फिलहाल, उनकी जान को कोई खतरा नहीं है। इसलिए उन्हें जमानत नहीं दी जाए। जबकि, लालू प्रसाद की ओर से बढ़ती उम्र और खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जमानत की गुहार लगाई गई।

आठ नवंबर को इस मामले में अपना जवाब दाखिल करने के लिए सीबीआई द्वारा समय मांगे जाने पर मामले की सुनवाई 22 नवंबर के लिए स्थगित कर दी गयी थी। झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह ने मामले में आठ नवंबर को लालू के वकीलों की दलील सुनी थीं जिसमें मुख्य रूप से उन्होंने लालू की उम्र एवं उनके स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उन्हें जमानत दिये जाने का अनुरोध किया था।

चारा घोटाले के चार विभिन्न मामलों में लालू सजायाफ्ता हैं और फिलहाल बिरसा मुंडा कारागार के माध्यम से रिम्स अस्पताल में भर्ती हैं और इलाज करा रहे हैं। इससे पहले लालू को उच्च न्यायालय जुलाई में देवघर कोषागार से करोड़ों रुपये के गबन के मामले में जमानत दे चुका है। सर्वोच्च न्यायालय ने आधी सजा काटने पर जमानत देने का प्रावधान किया है। इसी आलोक में उच्च न्यायालय ने उन्हें अब तक अन्य मामलों में जमानत प्रदान की है।

टॅग्स :लालू प्रसाद यादवबिहार
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टबिहार के मोतिहारी जिले में जहरीली शराब कांड में मरने वालों की संख्या हुई 10, कई लोगों की स्थिति अभी भी गंभीर

भारतबिहार में CM नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग को लेकर महिलाओं ने शुरू किया सत्याग्रह

क्राइम अलर्टबिहार की राजधानी पटना से सटे खगौल में अपराधियों ने खुद को कस्टम अधिकारी बताकर स्वर्ण व्यापारियों से लूटा 16 किग्रा सोना

भारतWATCH: बिहार के सारण जिले में जदयू के प्रखंड अध्यक्ष का एक लड़की के साथ अश्लील वीडियो वायरल, दोनों आपत्तिजनक अवस्था में थे खेत में एक लड़की नेता के पीछे भाग रही है

भारतबिहार में सत्ता हस्तांतरण को लेकर सियासी हलचल हुई तेज, 12 अप्रैल को नीतीश कुमार दे सकते हैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा, भाजपा में मुख्यमंत्री को लेकर जारी है मंथन 

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया