'भगवान से प्रार्थना है कि इन लोगों को बेटा-बेटी दें', पीएम मोदी के परिवारवाद पर बयान के बाद लालू का आया जवाब, देखें वीडियो
By एस पी सिन्हा | Updated: February 11, 2022 19:35 IST2022-02-11T19:35:31+5:302022-02-11T19:35:31+5:30
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल में राजनीति में 'परिवारवाद' को लेकर दिए गए बयान के बाद लालू प्रसाद यादव ने जवाब दिया है। लालू यादव ने नीतीश कुमार का भी जिक्र किया जिनका नाम पीएम ने लिया था।

पीएम नरेंद्र मोदी के बयान पर लालू यादव ने दिया जवाब (फोटो- वीडियो ग्रैब)
पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सबसे बड़ा समाजवादी नेता कहे जाने के बाद सूबे में सियासत फिर तेज हो गई है. इस मुद्दे पर राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने तंज कसते हुए कहा कि नीतीश कुमार का बेटा राजनीति में आना नहीं चाहता है, इसलिए नीतीश अपने बेटे को राजनीति में नहीं ला पाये. उन्होंने कहा, 'मोदी और नीतीश का उत्तराधिकारी नहीं है तो मैं क्या करूं?'
लालू ने कहा कि नीतीश का बेटा चुनाव लड़ने लायक ही नहीं है. वह पूरी तरह से दूसरी राह पर है. जबकि नरेंद्र मोदी की कोई औलाद ही नहीं तो कौन दिखेगा मंच पर? उन्होंने कहा कि मैं तो चाहूंगा कि भगवान इन सभी को औलाद दें और सबका बेटा राजनीति में आये. राजद प्रमुख ने कहा कि जिनका परिवार ही नहीं है वो परिवारवाद क्या करेंगे?
परिवारवाद को लेके प्रधानमंत्री @narendramodi के बयान पर अब @laluprasadrjd ने जवाब दिया हैं @ndtvindia @Anurag_Dwary @Suparna_Singh pic.twitter.com/Qd6na0mFcz
— manish (@manishndtv) February 11, 2022
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने बुधवार को कहा था, 'मैं समाज के लिए काम कर रहा हूं। जब मैं नकली समाजवाद कहता हूं, तो वह 'परिवारवाद' है। क्या आपको लोहिया का परिवार कहीं दिखाई देता है? वह भी समाजवादी थे, क्या आप जॉर्ज फर्नांडीस के परिवार को देखते हैं? वह भी एक समाजवादी थे। नीतीश बाबू हमारे साथ काम कर रहे हैं, वह भी समाजवादी हैं। क्या आप उनके परिवार को देखते हैं?'
पीएम मोदी ने साथ ही कहा, 'जब एक पार्टी को एक परिवार द्वारा पीढ़ियों तक चलाया जाती है, तो केवल परिवारवाद होता है, गतिशीलता नहीं रहती। जम्मू-कश्मीर से अगर शुरू करें जहां दो अलग-अलग परिवारों द्वारा संचालित दो पार्टियां हैं, आप हरियाणा, झारखंड, यूपी और तमिलनाडु में भी ऐसी ही समान प्रवृत्ति देख सकते हैं। वंशवाद की राजनीति लोकतंत्र की सबसे बड़ी दुश्मन है।'