Sushma Swaraj Death: जब संसद में सुषमा ने ली लालू पर चुटकी, आपको गांठें खोलना नहीं आता, मसखरी के अलावा कुछ बोलना नहीं आता
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: August 7, 2019 13:02 IST2019-08-07T13:02:40+5:302019-08-07T13:02:40+5:30
सुषमा स्वराज 2009 से 2014 तक लोकसभा में नेता विपक्ष भी रहीं। विधि स्नातक स्वराज ने उच्चतम न्यायालय में वकालत भी की। वह सात बार संसद सदस्य के रूप में और तीन बार विधानसभा सदस्य के रूप में चुनी गईं। स्वराज के पास केंद्रीय मंत्रिमंडल में दूरसंचार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और संसदीय कार्य विभागों जैसी जिम्मेदारियां भी रहीं।

लालू यादव ने ट्विटर पर दी सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने सुषमा स्वराज के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट किया, सुषमा स्वराज जी के निधन पर गहरा दुःख हुआ। एक प्रभावी संचालक, सांसद और नेता जिन्हें हमेशा याद किया जाएगा।
Deeply saddened at the passing away of Smt #SushmaSwaraj ji. An effective orator, parliamentarian & leader, she will forever be missed. My deepest condolences and prayers.
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) August 7, 2019
जब संसद में हुईं लालू-सुषमा के बीच नोक-झोंक
लालू प्रसाद यादव ने संसद में सुषमा स्वराज को संबोधित करते हुए कहा, "आपको मैं बड़ी बहन मानता हूं। इसे अनादर मत समझिएगा। मुझे आपको देख कर एक शेर याद आ रहा है, मोहब्बत में तुम्हें आंसू बहाने नहीं आता, बनारस में आकर तुम्हें पान खाने नहीं आता।"
इसके जवाब में सुषमा स्वराज ने कहा, मैं उनके भाषण का जवाब उनके जुगाड़ु शेर के जरिए दे दूं तो ज्यादा बेहतर होगा, क्योंकि उनको भाषा वही समझ में आती है। स्वराज ने कहा कि मैं आपके ही तर्ज पढ़ एक शेर पढ़ देती हूं। उन्होंने लालू को संबोधित करते हुए कहा, आपको गांठें खोलना नहीं आता, मसखरी के अलावा कुछ बोलना नहीं आता।