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शिक्षा की कमी है झारखंड की दुर्दशा का कारण : सोरेन

By भाषा | Updated: December 23, 2021 00:24 IST

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रांची, 22 दिसंबर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को कहा कि शिक्षा की कमी के चलते ही राज्य की ऐसी दुर्दशा है लेकिन उनकी सरकार के प्रयासों से राज्य पर छाये काले बादल तेजी से छंट रहे हैं।

झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के समापन भाषण में मुख्यमंत्री सोरेन ने उक्त बात कही। उन्होंने कहा, ‘‘झारखंड की ऐसी दुर्दशा का कारण शिक्षा की कमी है।’’

उन्होंने कहा कि जिन मूलवासियों के लिए आदिवासी विभाग और मंत्रालय हैं उनकी कार्यपालिका, विधायिका में भगीदारी ही नहीं है क्योंकि उन्हें शिक्षा का उचित अवसर ही नहीं मिला।

सोरेन ने कहा कि राज्य में कभी डबल, कभी ट्रिपल इंजन की तो कभी लंगड़ी सरकार बनी जिसने यहां के आदिवासियों के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि राज्य पर छाये काले बादल अब छंट रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘कोरोना काल में हमारी सरकार सो नहीं रही थी, कार्य योजना बना रही थी।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सरकार आपके द्वार’ के जरिये हम वहां तक पहुंचे जहां पहले कभी कोई सरकार नहीं पहुंची थी।

उन्होंने कहा कि राज्य में भाषा और संस्कृति को जीवित रखने के लिए पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय विधेयक लाया गया है।

वहीं मुख्यमंत्री के भाषण के बीच मुख्य विपक्षी भाजपा के विधायकों ने जेपीएससी समेत तमाम मुद्दों पर हंगामा करते हुए सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया और सदन से बाहर निकल गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार एंटी मॉब लिंचिंग विधेयक लेकर आयी है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण का हमने बहुत शांति और धैर्य से मुकाबला किया।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं राज्यवासियों से अपील करता हूं आप धैर्य से रहें। आपकी समस्या समाधान लायक होगी तो सरकार जरूर करेगी। सरकार क्षमता के अनुरूप राज्य के सभी वर्गों के लोगों को पेंशन दे रही है। राज्य के 60 से अधिक उम्र के लोगों और दिव्यांगों को पेंशन दिया जा रहा है।’’

मुख्यमंत्री ने बताया, ‘‘मुझे रात में 12 बजे व्हाट्सएप्प से जानकारी मिली कि एक दिव्यांग दंपति का प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहा है जिसके बाद उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया और रात के एक बजे दिव्यांग का प्रमाणपत्र बना।’’

मुख्यमंत्री ने भाजपा और विपक्ष के विधायकों को चेतावनी दी कि ‘जो-जो सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में नहीं जाएगा वह दोबारा इस सदन में नहीं आएगा।

उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्गों को अधिकार देने के लिए सरकार कटिबद्ध है। विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि लंबे समय तक विपक्ष के साथियों को वनवास काटना पड़ेगा।

उन्होंने आज एक बार फिर आरोप लगाया कि जब दलित, ओबीसी, एसटी, एससी के बच्चे आगे बढ़ रहे हैं तो मनुवादी सोच वाले लोगों के पेट में दर्द उठ रहा है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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