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कोझिकोड विमान दुर्घटना : मुआवजे को लेकर लंबा खिंच रहा समझौता

By भाषा | Updated: August 6, 2021 20:14 IST

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कोझिकोड (केरल), छह अगस्त कोझिकोड हवाई अड्डे पर एक वर्ष पहले हुए बोइंग 737 विमान दुर्घटना में जख्मी हुए लोगों के जेहन में इस हादसे की भयावह यादें अब भी हैं। घायल लोग जहां अभी तक इस सदमे से नहीं उबरे हैं, वहीं सात अगस्त 2020 को हुई इस दुर्घटना के बाद मुआवजे को लेकर भी समझौता लंबा खिंचता जा रहा है।

एअर इंडिया एक्सप्रेस द्वारा संचालित विमान दुबई से आ रहा था और वह कोझिकोड हवाई अड्डे पर फिसलकर दो हिस्सों में बंट गया जिसमें कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। विमान में 190 लोग सवार थे।

विमान में सवार यात्री आशिक पेरूंबल ने कहा, ‘‘दुर्घटना की भयंकर आवाज अब भी मेरे कानों में गूंज रही है।’’ मलप्पुरम जिले के चांगरमकुलम के रहने वाले आशिक खाड़ी देश में चालक का काम करते थे। दुर्घटना में उनके दोनों कंधे गंभीर रूप से जख्मी हो गए। कंधों को ठीक करने के लिए उनकी कई सर्जरी हुई। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मैं अब भी मानसिक एवं शारीरिक रूप से काफी संघर्ष कर रहा हूं।’’

एअर इंडिया एक्सप्रेस की तरफ से पेशकश किए गए मुआवजा दस्तावेज पर आशिक ने दस्तखत कर दिये और कहा कि ‘‘जटिल समझौता प्रक्रियाओं’’ के बाद यह हुआ।

उन्होंने कहा, ‘‘एयरलाइन ने मुझे पर्याप्त मुआवजा नहीं दिया। दस्तावेज पर दस्तखत करने के लिए मुझे बाध्य किया गया। मैं अधिकतम मुआवजा राशि के लिए दस्तावेज नहीं पेश कर पाया। मेरी तरह कई लोगों को ऐसी ही स्थितियों से गुजरना पड़ा। एयरलाइन की समझौता शर्तें बहुत कठिन थीं।’’

आशिक ने बताया कि समझौता और कठिन हो गया जब उन्हें पता चला कि रोजगारविहीन होने के बाद वह खाड़ी देश से लौट रहे हैं। दुर्घटना में उनके भाई के सिर में भी चोट लगी थी।

आशिक की तरह ही कई जख्मी यात्री सदमे से नहीं उबरे हैं।

दुर्घटना में 30 वर्षीय मुफीदा और उनकी बेटी भी घायल हो गईं जो पेराम्ब्रा की रहने वाली है। मुफीदा का अब भी इलाज चल रहा है और उन्होंने एअर इंडिया एक्सप्रेस के मुआवजे की पेशकश को नहीं स्वीकार किया है।

बहरहाल, मुफीदा ने अपनी साढ़े तीन वर्षीय बच्ची के लिए मुआवजा स्वीकार कर लिया है जिसे गंभीर जख्म नहीं आए थे। पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर मुफीदा ने कहा, ‘‘कंपनी के साथ समझौता अब भी जारी है। मैं कुछ और दस्तावेज सौंपना चाहती हूं।’’

उपचार का पूरा खर्च एअर इंडिया एक्सप्रेस उठा रही है।

एअर इंडिया एक्सप्रेस के एक अधिकारी ने बताया कि पूरा एवं अंतिम मुआवजा ‘‘नुकसान के सबूत पर’’ आधारित है।

अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘मूलत: एयरलाइन की तरफ से मुआवजे की प्रक्रिया पूरी हो गई है। हमने सभी यात्रियों और मृतकों के परिजन को मुआवजे की पेशकश भेज दी है और अभी तक जिन लोगों ने इसे स्वीकार किया है उन्हें 48 घंटे के अंदर पूरा भुगतान भी कर दिया गया है।’’

उन्होंने बताया, ‘‘अंतरिम मुआवजा एक तय राशि है जबकि पूरा एवं अंतिम मुआवजा अलग-अलग राशि है। इसे नुकसान के सबूत के आधार पर तय किया गया है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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