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कोविन पोर्टल अगले सप्ताह से हिंदी समेत अन्य भाषाओं में उपलब्ध होगा: सरकार

By भाषा | Updated: May 17, 2021 20:20 IST

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नयी दिल्ली, 17 मई केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि कोविन पोर्टल अगले सप्ताह तक हिंदी और 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध रहेगा जबकि कोविड-19 स्वरूपों की निगरानी के लिए 17 और प्रयोशालाओं को जोड़ा जाएगा।

मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन की अध्यक्षता में सोमवार को कोविड-19 पर हुई उच्च स्तरीय मंत्रिमंडल समूह (जीओएम) की 26वीं बैठक के दौरान इन निर्णयों की घोषणा की गई।

मंत्रालय ने कहा कि हर्षवर्धन ने मंत्रिमंडल सहयोगियों को बताया कि नमूनों की जांच को बढ़ाने के लिए आईएनएसएसीओजी नेटवर्क में 17 नयी प्रयोगशालाओं को जोड़ा जाएगा।

‘दी इंडियन सार्स-सीओवी2 कॉनसोर्टियम ऑन जीनोमिक्स (आईएनएसएसीओजी)’ देशभर में फैली दस राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं का समूह है जिसकी स्थापना स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बीते वर्ष 25 दिसंबर को की थी। इस समिति का काम कोरोना वायरस की जीनोम श्रृंखला तैयार करना और जीनोम के स्वरूपों तथा महामारी के बीच संबंध तलाशना है।

हर्षवर्धन ने कहा, '' भारत में 26 दिन बाद पहली बार कोरोना वायरस संक्रमण के नए मामलों की संख्या गिरकर तीन लाख से नीचे चली गई है। साथ ही, पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 1,01,461 की गिरावट दर्ज की गई है।''

उन्होंने देश की पहली कोविड-रोधी दवा 2-डीजी जारी करने के लिए रक्षा वैज्ञानिकों के प्रयासों और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की।

स्वास्थ्य मंत्री ने सदस्यों को सूचित किया कि यह दवा देश में महामारी से निपटने में बेहद अहम साबित हो सकती है क्योंकि इस दवा के उपयोग से कोविड-19 मरीजों के लिए ऑक्सीजन सहायता की निर्भरता कम हो सकती है।

बयान के मुताबिक, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि महामारी से निपटने के लिए केंद्र राज्यों की लगातार सहायता कर रहा है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 4.22 करोड़ से अधिक एन-95 मास्क, 1.76 करोड. पीपीई किट, 52.64 लाख रेमडेसिविर टीके और 45,066 वेंटिलेटर वितरित किए जा चुके हैं।

इसके मुताबिक, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने जीओएम को सूचित किया कि कोविन पोर्टल अगले सप्ताह तक हिंदी और 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगा। एनसीडीसी के निदेशक डॉ सुजीत सिंह ने भारत में दर्ज किए जा रहे सार्स-सीओवी-2 के स्वरूपों और चिंताजनक स्वरूपों (वीओसी) को लेकर विस्तृत रिपोर्ट पेश की।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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