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कोविड-19 के हालात पर प्रधानमंत्री के साथ बैठक में बोलने नहीं दिया गया, ‘सुपर फ्लॉप’ रही :ममता

By भाषा | Updated: May 20, 2021 19:28 IST

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कोलकाता, 20 मई पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि कोविड-19 के हालात पर जिलाधिकारियों और अन्य अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक में कुछ मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किये जाने के बाद भी उन्हें बोलने नहीं दिया गया और ‘कठपुतली’ बनाकर रख दिया गया।

बनर्जी ने प्रधानमंत्री की बृहस्पतिवार को हुई बैठक को ‘सुपर फ्लॉप’ करार देते हुए कहा कि उन्हें और अन्य कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बोलने नहीं दिया गया जो उनके अपमान के समान है।

बनर्जी ने यह दावा भी किया कि केवल भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बैठक में बोलने दिया गया, जबकि दूसरों को ‘कठपुतली’ बनाकर रख दिया गया।

प्रधानमंत्री की बैठक कोविड-19 के हालात पर जिलाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के लिए तय थी। हालांकि इसमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कुछ उन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया जहां ये अधिकारी तैनात हैं ।

ममता बनर्जी ने कहा, ‘‘यह बेतरतीब और सुपर फ्लॉप बैठक थी।’’

उन्होंने राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम अपमानित महसूस कर रहे हैं। यह देश के संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है। प्रधानमंत्री मोदी में असुरक्षा की भावना इतनी ज्यादा है कि उन्होंने हमारी बात ही नहीं सुनी।’’

इस पर पलटवार करते हुए भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ट्वीट किया, ‘‘आज हमारी सम्मानित मुख्यमंत्री ने एक बार फिर प्रशासन में अपनी पूरी तरह अरुचि दर्शा दी है। अपनी शैली के मुताबिक उन्होंने उस बैठक को राजनीतिक रंग दे दिया जिसमें माननीय प्रधानमंत्री ने जिलाधिकारियों के साथ कोविड-19 से लड़ने के लिए धरातल पर किये जाने वाले कार्यों के बारे में चर्चा की।’’

अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले भी प्रधानमंत्री के साथ अनेक बैठकों में भाग नहीं लिया है और अब वह प्रधानमंत्री और जिलाधिकारियों की बैठक की आड़ लेकर कह रही हैं कि उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया।

ममता बनर्जी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने ना तो यह पूछा कि पश्चिम बंगाल कोविड-19 के हालात से किस तरह निपट रहा है और ना ही उन्होंने टीकों तथा ऑक्सीजन के भंडार के बारे में पूछा।

बनर्जी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने ‘ब्लैक फंगस’ के बारे में एक भी सवाल नहीं पूछा।’’

उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसे चार मामले सामने आए हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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