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कोविड- 19 : मध्य प्रदेश में ब्लॉक, ग्राम एवं नगर वार्ड स्तर पर संकट प्रबंधन समूह गठन के निर्देश

By भाषा | Updated: May 10, 2021 20:32 IST

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भोपाल, 10 मई मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों एवं कस्बों में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस संक्रमण के बीच प्रदेश सरकार ने सोमवार को निर्णय लिया कि कोविड-19 महामारी के संक्रमण को प्रभावी रूप से रोकने के लिये ब्लॉक, ग्राम एवं नगरीय क्षेत्रों में वार्ड स्तर पर संकट प्रबंधन समूहों का गठन किया जाये।

जिला स्तर पर पूर्व में ही जिला संकट प्रबंधन समूह गठित है और उनके द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण के रोकथाम एवं बचाव के लिये सक्रिय भूमिका निभाई जा रही है।

मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘मध्य प्रदेश गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजोरा ने कोविड-19 महामारी के संक्रमण को प्रभावी रूप से रोकने के लिये जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर ब्लॉक, ग्राम एवं नगरीय क्षेत्रों में वार्ड स्तर पर संकट प्रबंधन समूहों के गठन के निर्देश दिये हैं।’’

उन्होंने कहा कि इन समूहों द्वारा ब्लॉक, ग्राम एवं नगरीय वार्ड स्तर पर कोरोना वायरस संक्रमण से उत्पन्न आपात स्थिति के नियंत्रण के लिये राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन और कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिये सामाजिक सहभागिता सुनिश्चित करने की कार्यवाही की जायेगी।

राजोरा ने बताया कि विकासखण्ड संकट प्रबंधन समूह में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अध्यक्ष होंगे। इस समूह में अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी, विकासखण्ड मुख्यालय के नगरीय क्षेत्र के आयुक्त के प्रतिनिधि अथवा मुख्य नगर पालिका अधिकारी, प्रोजेक्ट ऑफिसर महिला एवं बाल विकास विभाग, क्षेत्रीय सांसद एवं विधायक द्वारा नियुक्त प्रतिनिधि, कलेक्टर द्वारा नामांकित विकासखण्ड के जन-प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और स्वयंसेवी संगठन सदस्य होंगे।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में ग्राम संकट प्रबंधन समूह का गठन किया जाये। ग्राम संकट प्रबंधन के समूह के अध्यक्ष ग्राम पंचायत की प्रशासनिक समिति के अध्यक्ष होंगे। ग्राम पंचायत के सचिव, जन अभियान परिषद, महिला स्व-सहायता समूह, राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ता, प्रशासनिक समिति के संबंधित ग्राम में निवासरत सदस्य, ग्राम रोजगार सहायक, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सहायिका और ग्राम के कोटवार/पटेल समूह के सदस्य होंगे।

राजोरा ने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में वार्ड वार संकट प्रबंधन समूह के गठन के निर्देश दिये गए हैं। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में वार्ड संकट प्रबंधन समूह में वार्ड प्रभारी अधिकारी अध्यक्ष होंगे। क्षेत्रीय सांसद एवं विधायक द्वारा नियुक्त प्रतिनिधि, नगर निगम आयुक्त/मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा नामांकित प्रतिनिधि, सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि, वार्ड के प्रतिष्ठित निजी चिकित्सक, स्वयंसेवी संगठन, जन अभियान परिषद, राजनीतिक एवं सामाजिक संगठन के कार्यकर्ता महिला स्व-सहायता समूह सदस्य होंगे।

राजोरा ने बताया कि ब्लॉक संकट प्रबंधन समूह के आदेश जिला कलेक्टर, नगरीय वार्ड संकट प्रबंधन समूह के आदेश सम्बन्धित आयुक्त नगर निगम/मुख्य नगर पालिका अधिकारी और ग्राम संकट प्रबंधन समूह के आदेश मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत द्वारा जारी किए जायेंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उक्त समूहों की माह में कम से कम एक बैठक हो। उनके द्वारा सतत इन समूहों के कार्य की समीक्षा भी सुनिश्चित की जायेगी।

उन्होंने कहा कि पूर्व में ब्लॉक, वार्ड और ग्राम स्तर पर गठित संकट प्रबंधन समूह इस आदेश से गठित समूहों में समाहित होंगें।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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