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उत्तराखंड में कोविड-19 अभियान की शुरुआत, दो हजार से अधिक कर्मियों को टीके लगाये गए

By भाषा | Updated: January 16, 2021 22:01 IST

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देहरादून, 16 जनवरी उत्तराखंड में कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण अभियान की शुरुआत शनिवार को हुई और पहले दिन 2,000 से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों, महामारी के खिलाफ लड़ाई में अग्रिम मोर्चे पर लगे कर्मियों को टीके की पहली खुराक दी गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कार्यक्रम की आनलाइन शुरुआत किये जाने के बाद राज्य में पहला टीका दून मेडिकल कॉलेज के वार्ड बॉय शैलेन्द्र द्विवेदी को दिया गया। वहीं दूसरा टीका हृदय रोग के विभागाध्यक्ष एवं अस्पताल के कोविड-19 प्रभारी अनुराग अग्रवाल को दिया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत मौजूद थे।

मिशन निदेशक एनएचएम सोनिका ने कहा कि कुल 2,226 स्वास्थ्यकर्मियों को शुरुआती दिन टीके की खुराक दी गईं, जो कि कोविन पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत लक्षित लाभार्थियों का 70 प्रतिशत है।

राज्य कोविड नियंत्रण कक्ष के मुख्य संचालन अधिकारी अभिषेक त्रिपाठी ने कहा कि उन सभी 34 केंद्रों पर टीकाकरण प्रक्रिया परिचालन दिशानिर्देशों के अनुपालन के साथ समय पर शुरू हुई जिन्हें इसके लिए चुना गया था।

34 स्वास्थ्य सुविधाओं जहां टीकाकरण चल रहा है उनमें से 32 सरकारी केंद्र हैं। इन सरकारी केंद्रों में एम्स ऋषिकेश और ऋषिकुल आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय भी शामिल है। दो निजी अस्पतालों हिमालयन मेडिकल कॉलेज और गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज उनमें शामिल हैं।

यह टीकाकरण देहरादून जिले के पांच केंद्रों पर, हरिद्वार एवं ऊधमसिंह नगर जिलों में चार-चार, नैनीताल में तीन तथा शेष नौ जिलों में दो-दो केंद्रों में किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टीकाकरण के पहले चरण में पहली खेप की 1,13000 खुराक 50,000 स्वास्थ्य कर्मियों को दी जानी है।

रावत ने कहा कि पहले चरण के बाद कोविड-19 के खिलाफ अग्रिम मोर्चे पर लगे कर्मियों, 50 साल से अधिक उम्र के लोगों और अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों को टीका लगाया जाएगा।

उन्होंने लोगों से कहा कि वे टीका लगाने के बाद अपने सुरक्षा ऐहतियात में कमी नहीं लायें। उन्होंने कहा कि मास्क पहनना और सामाजिक दूरी बनाये रखना जारी रखना है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘दूसरी खुराक के दो सप्ताह बाद एंटीबॉडी बनने लगती हैं, जो पहली खुराक के बाद 28वें दिन दी जाती है। आपको धैर्य रखना होगा और कम से कम डेढ़ महीने तक इंतजार करना चाहिए।’’

टीके को पूरी तरह से सुरक्षित बताते हुए रावत ने कहा कि तीन चरणों में किए गए क्लीनिकल ​परीक्षणों के दौरान इसके बारे में कहीं से भी कोई प्रतिकूल रिपोर्ट नहीं मिली है।

रावत ने कहा, ‘‘आपको अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए और विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों की बात माननी चाहिए।’’

उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को इसके लिए धन्यवाद दिया कि उन्होंने अपनी निजी जरूरतों को दरकिनार करते हुए स्वयं को संक्रमित व्यक्तियों की देखभाल करने और महामारी को फैलने से नियंत्रित करने के लिए मुहैया कराया।

रावत ने टीके के बारे में जागरुकता फैलाने के लिए मीडिया की प्रशंसा की।

देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास, स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी दून अस्पताल के नव-निर्मित बाह्य रोगी विभाग में स्वास्थ्य कर्मियों को पहले टीके लगाये जाने के दौरान मौजूद थे।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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