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केरल उच्च न्यायालय ने गुरुवायूर मंदिर के प्रशासक से 'नादपंथल' की भव्य सजावट को लेकर जवाब मांगा

By भाषा | Updated: September 9, 2021 20:22 IST

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कोच्चि, नौ सितंबर केरल उच्च न्यायालय ने गुरुवायूर देवस्वम प्रबंध समिति के प्रशासक से पूछा है कि उद्योगपति रवि पिल्लै के बेटे की शादी के लिए मंदिर के सामने स्थित 'नादपंथल' को विशाल कटआउट (तस्वीरों) और पेड़ की शाखाओं से क्यों सजाया गया? अदालत ने इसके लिए मीडिया में सामने आई तस्वीरों का हवाला दिया।

'नादपंथल' मंदिर के सामने स्थापित एक संरचना है जो विवाह जैसे विभिन्न आयोजनों के लिए है।

न्यायमूर्ति अनिल के. नरेंद्रन और न्यायमूर्ति के. बाबू की पीठ ने खबरों के आधार पर स्वत: संज्ञान लेते हुए नौ सितंबर को होने वाली शादी की तैयारियों के संबंध में सात सितंबर को निर्देश जारी किया।

प्रबंध समिति ने अदालत को बताया कि सजावट के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बाद अदालत ने प्रशासक को उन तथ्यों और परिस्थितियों को समझाते हुए हलफनामा दायर करने के लिए कहा, जिसमें 'नादपंथल' को सजाया गया।

मामले में अगली सुनवाई 14 सितंबर को होगी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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