कश्मीर सर्दी मौसमः चिल्ले खुर्द की विदाई के साथ ही रंग दिखाने लगा मौसम
By सुरेश एस डुग्गर | Updated: February 23, 2026 13:01 IST2026-02-23T13:00:22+5:302026-02-23T13:01:39+5:30
Kashmir Winter Weather: बर्फबारी और बारिश की भविष्यवाणी है पर पर्यटकों के लिए चिंता यह है कि वे गुलमर्ग के कई हिस्सों से बर्फ को गायब पाने लगे हैं। गुलमर्ग की ढलानों पर स्कींइग सिखाने वाले भी परेशान हैं।

Kashmir Winter Weather
जम्मूः कश्मीर में भयानक सर्दी के मौसम के दूसरे भाग ‘चिल्ले खुर्द’ की 20 फरवरी को विदाई हो चुकी है। अर्थात 20 फरवरी को इसका अंतिम दिन था। अब 21 फरवरी से चिल्ले बच्चा के दस दिन आरंभ हो चुके हैं, फिर कश्मीर में सर्दी के मौसम के खात्मे की घोषणा। पर बुरी खबर यह है कि चिल्ले खुर्द की विदाई से दो दिन पहले ही मौसम जो रंग दिखा रहा है वह चिंताजनक है। चिंता की बात तापमान में होने वाली अप्रत्याशित वृद्धि है। मौसम विभाग के बकौल, श्रीनगर में ही तापमान सामान्य से कई डिग्री अधिक है। और सर्दियों की राजधानी जम्मू में भी यही हाल है।
सबसे ज्यादा चिंता की बात गुलमर्ग के पहाड़ों से आने वाली खबर है जहां तापमान समान्य से 10 डिग्री ऊपर पहुंच गया है। हालांकि आज हल्की बर्फबारी और बारिश की भविष्यवाणी है पर पर्यटकों के लिए चिंता यह है कि वे गुलमर्ग के कई हिस्सों से बर्फ को गायब पाने लगे हैं। गुलमर्ग की ढलानों पर स्कींइग सिखाने वाले भी परेशान हैं।
जिनके बकौल, गर्म मौसम की मार बर्फ पर पड़ने के कारण बर्फ तेजी से पिघल रही है। अब अगले महीने से श्रीनगर में ट्यूलिप गार्डन को खोलने की तैयारी हो रही है। दो साल पहले भी इसके फूल समय से पहले मुरझा गए थे। पर इसके प्रति इस बार परेशानी यह है कि चिल्ले खुर्द की विदाई के पहले ही तापमान के उछाले मारने के कारण फूलों के खिलने पर संदेह उत्पन्न होने लगा है।
दरअसल कश्मीर में सर्दी के 40 दिनों में भयानक सर्दी का अनुमान लगाया जाता रहा है। यह 21 और 22 दिसम्बर की रात से शुरू होते हुए 1 मार्च तक चलता है। जिसमें पहले 20 दिनों को चिल्ले कलां कहा जाता है जिसमें भयानक सर्दी पड़ती है और अगले 10 दिनों को चिल्ले खुर्द।
जबकि अंतिम दस दिन चिल्ले बच्चा होता है जिसमें सर्दी बहुत कम ही महसूस होती है। पर इस बार मौसम की दगाबाजी यह रही है कि भयानक सर्दी तो पहले 20 दिनों मंे हुई पर उतनी बर्फ नहीं गिरी जितनी चाहिए थी। इसे अल नीनो और ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव बताया जाने लगा है।