लाइव न्यूज़ :

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के 17 विधायकों को अयोग्य ठहराने के फैसले को कायम रखा, लेकिन लड़ सकेंगे चुनाव

By विनीत कुमार | Updated: November 13, 2019 11:04 IST

कर्नाटक के इन 17 विधायकों को विधानसभा के तत्कालीन अध्यक्ष के आर रमेश कुमार ने अयोग्य घोषित कर दिया था।अयोग्य घोषित विधायकों की याचिकाओं पर 25 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी हुई थी। 

Open in App
ठळक मुद्देसुप्रीम कोर्ट से मिली कर्नाटक के 17 अयोग्य घोषित विधायकों को बड़ी राहतसुप्रीम कोर्ट ने सभी विधायकों को उप-चुनाव लड़ने की इजाजत दी, तीन सदस्यीय पीठ ने की थी सुनवाई

कर्नाटक में 17 विधायकों को अयोग्य ठहराने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तत्कालीन विधानसभा स्पीकर के फैसले को कायम रखा है। हालांकि, साथ ही कोर्ट ने इन अयोग्य घोषित विधायकों को राहत देते हुए राज्य में उपचुनाव लड़ने की भी इजाजत दे दी है। इससे पहले विधानसभा स्पीकर ने 15वीं कर्नाटक विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने तक इन्हें अयोग्य ही रहने का फैसला दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा, 'हम इस बात की सराहना नहीं करते कि जिस तरह याचिकाकर्ता को कोर्ट के पास आना पड़ा।'

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एनवी रमन्ना ने कहा, 'हम स्पीकर के आदेश को कायम रखते हैं।' इन विधायकों को कर्नाटक विधानसभा के तत्कालीन अध्यक्ष के आर रमेश कुमार ने अयोग्य घोषित कर दिया था। जस्टिस एन वी रमण, जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस कृष्ण मुरारी की तीन सदस्यीय पीठ ने इन अयोग्य घोषित विधायकों की याचिकाओं पर 25 अक्टूबर को सुनवाई पूरी की थी। 

गौरतलब है कि कर्नाटक विधान सभा अध्यक्ष रहे रमेश कुमार ने इसी साल विधान सभा में एच डी कुमारस्वामी सरकार के विश्वास प्रस्ताव से पहले ही 17 बागी विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया था। विधान सभा में विश्वास मत्र प्राप्त करने मे विफल रहने पर कुमारस्वमी की सरकार ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद, बीजेपी के बी एस येदियुरप्पा के नेतृत्व में राज्य में नयी सरकार का गठन हुआ। 

इन विधायकों को अयोग्य घोषित किये जाने की वजह से 17 में से 15 सीटों के लिये पांच दिसंबर को उपचुनाव हो रहे हैं। अयोग्य घोषित किये गये विधायक इन उपचुनाव में नामांकन पत्र दाखिल करना चाहते हैं। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 18 नवंबर है। इन विधायकों ने हाल में शीर्ष अदालत में एक आवेदन दायर कर 15 सीटों के लिये होने वाले उपचुनाव की तारीख स्थगित करने का निर्वाचन आयोग को निर्देश देने का अनुरोध किया था। 

इन विधायकों का कहना था कि उनकी याचिकाओं पर न्यायालय का निर्णय आने तक निर्वाचन आयोग को इन सीटों पर चुनाव नहीं कराने चाहिए। अयोग्य घोषित विधायकों की दलील थी कि सदन की सदस्यता से त्यागपत्र देना उनका अधिकार है और अध्यक्ष का निर्णय दुर्भावनापूर्ण है और इससे प्रतिशोध झलकता है। इन विधायकों में से अनेक ने सदन की सदस्यता से इस्तीफा देते हुये अध्यक्ष को पत्र लिखे थे।

(भाषा इनपुट)

टॅग्स :सुप्रीम कोर्टकर्नाटक
Open in App

संबंधित खबरें

भारतअल्केमिस्ट एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड केस से अलग हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन, आखिर कारण

क्राइम अलर्टमालदा में 7 न्यायिक अधिकारी को बनाया बंधक?, बागडोगरा हवाई अड्डे से मुख्य आरोपी अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम अरेस्ट, अब तक 35 अरेस्ट, वीडियो

क्राइम अलर्टप्रोफेसर राजू से चक्कर और नंबर भी खूब दे रहे तुम्हे?, सहपाठियों ने अफवाहें फैलाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, 22 वर्षीय मेडिकल छात्रा निकिता ने दी जान?, सुसाइड नोट मिला

भारत7 न्यायिक अधिकारी और 9 घंटे तक बंधक?, मतदाता सूची से नाम हटाने पर बवाल, सीजीआई सूर्यकांत ने कहा-रात 2 बजे से निगरानी कर रहा?

क्राइम अलर्टAI के कारण अमेरिका में नौकरी खो दी?, मुस्लिम लड़की शाज़िया सिराज से शादी, बेरोजगार सॉफ्टवेयर इंजीनियर बानू चंद्र रेड्डी और पत्नी ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखा-परिवार ने नहीं दिया साथ?

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया