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कर्नाटक सरकार ने बिहार जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेनें रद्द की, कहा-अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रवासी मजदूरों की जरूरत

By निखिल वर्मा | Updated: May 6, 2020 16:28 IST

कर्नाटक सरकार ने ट्रेन रद्द करने का फैसला कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CREDAI) के प्रतिनिधियों से मिलने के बाद लिया है.

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ठळक मुद्देकर्नाटक सरकार ने बिहार जाने वाली ट्रेनों को रद्द करने का कोई कारण नहीं बताया हैसाउथ वेस्टर्न रेलवे के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि रेलवे की ट्रेनों को रद्द करने में कोई भूमिका नहीं है। 

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के 'प्रवासी मजदूरों' को वापस रहने का अनुरोध करने के कुछ घंटों बाद ही राज्य सरकार ने अगले पांच दिनों में राज्य से चलने वाली 10 ट्रेनों को रद्द कर दिया। यह ट्रेन मजदूरों को लेकर उनके गृह जनपद जाने वाली थी। कर्नाटक प्रशासन मंगलवार देर रात इस संबध में एक पत्र साउथ वेस्टर्न रेलवे (SWR) को लिखा है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि बुधवार से श्रमिक स्पेशल ट्रेन नहीं चलेगी।

कर्नाटक में प्रवासियों के लिए नोडल अधिकारी एन मंजूनाथ प्रसाद द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार, बिहार में बेंगलुरु से दानापुर के लिए सुबह 9 बजे, दोपहर 12 बजे और 3 मई को शाम 6 बजे शुरू होने वाली ट्रेन सेवाओं को रद्द करने का अनुरोध किया गया। बता दें कि हजारों प्रवासियों को शहर में फंसे हुए हैं।

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के अनुसार, मंगलवार को भी शहर के बाहरी इलाके में चिक्कबनावारा रेलवे स्टेशन से 1199 यात्री श्रामिक स्पेशल ट्रेन में सवार हुए, जबकि रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए 35 किलोमीटर से अधिक पैदल चलने वाले कई प्रवासी मजदूरों को रोक दिया गया क्योंकि वे पहले से पंजीकृत नहीं थे।

इससे पहले मंगलवार को कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CREDAI) के प्रतिनिधियों ने सीएम येदियुरप्पा से मुलाकात की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने कहा, अन्य राज्यों की तुलना में कर्नाटक में कोविड​​-19 की स्थिति नियंत्रण में है। रेड जोन के बाहरी क्षेत्रों में औद्योगिक, निर्माण और व्यापार गतिविधियों को फिर से शुरू करने की आवश्यकता है। इसलिए मजदूर अनावश्यक यात्रा से बच सकते हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या बैठक ने सरकार के फैसले को प्रभावित किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “राज्य की अर्थव्यवस्था पटरी पर लाने के लिए इन प्रवासी श्रमिकों की आवश्यकता थी। CREDAI के प्रतिनिधियों ने सीएम को सूचित किया था कि मजदूर अफवाहों से घिरे हुए हैं जिस वजह से वे वापस घर जा रहे हैं। हालांकि, सरकार द्वारा अभी तक इन ट्रेनों को रद्द करने का कोई कारण नहीं बताया गया है। इस बीच साउथ वेस्टर्न रेलवे के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि रेलवे की ट्रेनों को रद्द करने में कोई भूमिका नहीं है। 

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