कर्नाटक कांग्रेस संकटः धैर्य का फल मिलेगा?, नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा
By सतीश कुमार सिंह | Updated: February 12, 2026 19:55 IST2026-02-12T19:27:04+5:302026-02-12T19:55:16+5:30
Karnataka Congress crisis: शिवकुमार की टिप्पणियां कांग्रेस के भीतर चल रहे सत्ता संघर्ष के फिर से उभरने के बीच आई हैं।

Karnataka Congress crisis
नई दिल्लीः कांग्रेस के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि ‘धैर्य का फल मिलेगा’। सिद्धरमैया सरकार शुक्रवार को 1,000 दिन पूरे करने जा रही है। शिवकुमार ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के साथ किसी तरह के सत्ता संघर्ष की बात से इनकार किया। कर्नाटक में संभावित नेतृत्व परिवर्तन को लेकर नए सिरे से उठ रही अटकलों के बीच शिवकुमार ने राज्य के नेतृत्व को लेकर किसी भी तरह की अस्पष्टता से दृढ़तापूर्वक इनकार किया और कहा कि उन्होंने और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पहले ही कांग्रेस उच्च कमान के साथ इस मामले पर चर्चा कर ली है और पार्टी नेताओं को सार्वजनिक बयानों से विवाद को हवा देने के खिलाफ चेतावनी दी है। शिवकुमार की टिप्पणियां कांग्रेस के भीतर चल रहे सत्ता संघर्ष के फिर से उभरने के बीच आई हैं।
इसकी शुरुआत सिद्धारमैया के बेटे और एमएलसी यतींद्र के उस बयान से हुई, जिसमें उन्होंने हाल ही में कहा था कि उनके पिता मुख्यमंत्री के रूप में अपना पूरा पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। “कोई भ्रम नहीं है। दूसरों को भ्रम हो सकता है, मुझे कोई भ्रम नहीं है।” अनुशासन पर जोर देते हुए उन्होंने नेताओं को एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पहले के निर्देश की याद दिलाई।
उन्होंने कहा, “खरगे ने कहा था कि अगर सभी चुप रहें तो अच्छा होगा। हम सभी को इसका पालन करना चाहिए।” शिवकुमार ने चेतावनी दी कि मंत्रियों या विधायकों द्वारा उनके पक्ष या विपक्ष में दिए गए बयान पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा, “ऐसे बयान किसी के लिए भी फायदेमंद नहीं हैं। ये कांग्रेस को नुकसान पहुंचा रहे हैं।”
सरकार का राष्ट्र गीत को लेकर जारी आदेश संविधान की भावना को प्रतिबिंबित नहीं करती : माकपा
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने बृहस्पतिवार को कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रगान के ऊपर राष्ट्री गीत को प्राथमिकता देने संबंधी आदेश, संविधान की भावना को प्रतिबिंबित नहीं करता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सभी छह छंदों को गाने का निर्देश दिया है। इस संबंध में 28 जनवरी को जारी आदेश में कहा गया है कि जब राष्ट्रगान और राष्ट्री गीत ‘वंदे मातरम’ गाए या बजाए जाएंगे, तो राष्ट्रगीत पहले गाया या बजाया जाएगा।
न्यायालय कॉलेजियम ने केरल उच्च न्यायालय में सात अतिरिक्त न्यायाधीशों की स्थायी नियुक्ति को मंजूरी दी
उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ने बृहस्पतिवार को केरल उच्च न्यायालय में सात अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने आज हुई बैठक में यह निर्णय लिया।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तीन नये एआई पाठ्यक्रम शुरू किए
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बृहस्पतिवार को कृत्रिम मेधा (एआई) पर तीन नये पाठ्यक्रमों की शुरुआत की, जिन्हें भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), लखनऊ द्वारा पेश किया जाएगा। मंत्री ने यहां ‘भारत बोधन एआई कॉन्क्लेव’ के दौरान पाठ्यक्रम शुरू करते हुए कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य भारत को नैतिक रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाना है।
मैं प्रबंधन संस्थानों की इस पहल की सराहना करता हूं कि वे प्रबंधन शिक्षा, नवाचार और वास्तविक सामाजिक अनुप्रयोगों में एआई को एकीकृत करने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। यह छात्रों को एआई बदलावों के मद्देनजर भविष्य के लिए तैयार करेगा, साथ ही यह सुनिश्चित करेगा कि प्रौद्योगिकी मानवीय मूल्यों और राष्ट्रीय विकास में योगदान दे।’’