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कर्नाटक उपचुनाव: पाला बदलने वाले विधायकों पर उप-चुनावों में मतदाताओं ने जताया भरोसा

By भाषा | Updated: December 9, 2019 19:30 IST

भाजपा ने कांग्रेस और जद(एस) का साथ छोड़कर सरकार बनाने के लिये उसके पाले में आए विधायकों पर इन उपचुनावों में दांव लगाया था। सिर्फ एस विश्वनाथ (हुनसुर) और एमटीबी नागराज (होसकोटे) ही अपनी सीट नहीं बचा पाए।

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ठळक मुद्देकर्नाटक उपचुनावों में मतदाताओं ने एक बार फिर दलबदलू विधायकों पर भरोसा जतायामुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने कहा, “हमनें सभी अयोग्य विधायकों को आश्वासन दिया था कि उन्हें मंत्री बनाया जाएगा।

कर्नाटक विधानसभा की 15 सीटों पर हुए उपचुनावों में मतदाताओं ने एक बार फिर दलबदलू विधायकों पर भरोसा जताया है और भाजपा में शामिल होने के बाद चुनाव लड़ रहे ऐसे 13 में से 11 उम्मीदवारों ने इन चुनावों में जीत हासिल की है। अब इन विधायकों को मंत्री पद भी दिया जाएगा।

भाजपा ने कांग्रेस और जद(एस) का साथ छोड़कर सरकार बनाने के लिये उसके पाले में आए विधायकों पर इन उपचुनावों में दांव लगाया था। सिर्फ एस विश्वनाथ (हुनसुर) और एमटीबी नागराज (होसकोटे) ही अपनी सीट नहीं बचा पाए। इन 13 विधायकों में से 10 पहले कांग्रेस में थे जबकि तीन पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा के नेतृत्व वाली जद(एस) में। उनके पाला बदलकर भारतीय जनता पार्टी में जाने के बाद पार्टी ने उन्हें उन सीटों पर उम्मीदवार बनाया था जिनका प्रतिनिधित्व वे पहले करते रहे हैं।

जीत हासिल करने वाले 11 उम्मीदवारों में अरबैल शिवराम हेब्बार (येल्लापुर), नारायण गौड़ा (के आर पेटे), बी सी पाटिल (हीरेकेरूर), श्रीमंत पाटिल (कगवाड), महेश कुमथल्ली (अथानी), के सुधाकर (चिकबल्लापुर), के गोपालैया (महालक्ष्मी ले आउट), आनंद सिंह (विजयनगर), रमेश जारकिहोली (गोकक), एस टी सोमशेखर (यशवंतपुर) और बेराठी बसवराज (के आर पुरम) हैं। अरूण कुमार गुट्टूर को राणेबेन्नूर से अयोग्य ठहराए गए विधायक आर शंकर की जगह खड़ा करने का भाजपा का फैसला भी सही साबित हुआ।

गुट्टूर ने कांग्रेस उम्मीदवार और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के बी कोलीवाड को हरा दिया। अधिकतर दलबदलू विधायकों को चुनावों में मिली जीत से उत्साहित हीरेकेरूर से विजयी उम्मीदवार बी सी पाटिल ने कहा, “उन्होंने (कांग्रेस) उच्चतम न्यायालय के फैसले के आधार पर हमें अयोग्य घोषित किया था लेकिन मतदाताओं ने हमें फिर से योग्य बना दिया।”

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नलिन कुमार कतील ने भी ऐसी ही भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा, “सिद्धरमैया (कांग्रेस) और एचडी कुमारस्वामी (जद-एस) ने हमारे उम्मीदवारों को बदनाम करने के लिये ‘अयोग्य विधायकों’ का विमर्श रचा लेकिन आज जनता की अदालत में कांग्रेस और जद(एस) अयोग्य हो गईं। जनता ने हमारे उम्मीदवारों को अपने फैसले में ‘योग्य’ ठहराया।”

मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने कहा, “हमनें सभी अयोग्य विधायकों को आश्वासन दिया था कि उन्हें मंत्री बनाया जाएगा। इसलिये, हमनें उनसे जो वादा किया उससे पीछे हटने का सवाल ही नहीं। हम उन्हें मंत्री बनाएंगे और उन्हें उनके इलाके में पार्टी का आधार बढ़ाने की जिम्मेदारी देंगे।” 

टॅग्स :कर्नाटकउपचुनावबीएस येदियुरप्पाकांग्रेसभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)
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