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कारगिल विजय दिवस :राज्य सरकार शहीद सैनिकों के परिवारीजन के साथ सदैव खड़ी रहेगी

By भाषा | Updated: July 26, 2021 18:59 IST

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लखनऊ, 26 जुलाई उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर यहां कारगिल शहीद स्मृति वाटिका के कार्यक्रम में इस युद्ध के शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कारगिल शहीद स्मृति वाटिका में स्थापित कारगिल युद्ध में शहीद सैनिकों की प्रतिमाओं पर पुष्प चढ़ाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कारगिल शहीदों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत माता के महान सपूतों और वीर जवानों की सतर्कता, सजगता, मातृभूमि के प्रति उनके समर्पण और अद्भुत बलिदान के कारण ही हम सब न केवल स्वाधीनता का अनुभव करते हैं, बल्कि एक सुरक्षित माहौल में चैन से अपना गुजर-बसर करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए कहा जाता है कि शहीद की मौत ही कौम की जिन्दगी होती है। एक जवान जब शहीद होता है, तो वह कौम को नई जिन्दगी देता है, नई प्रेरणा प्रदान करता है।’’

उन्होंने कहा कि मई, 1999 में पड़ोसी राष्ट्र के द्वारा एक षड़यंत्र के तहत कारगिल युद्ध देश पर थोपा गया था लेकिन विपरित परिस्थितियों के बावजूद मात्र दो से ढाई माह में भारत के बहादुर जवानों ने दुश्मन को वहां से भाग खड़ा होने के लिए मजबूर कर दिया।

विगत चार वर्षों में राज्य सरकार द्वारा लिये गये कुछ निर्णयों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा पीढ़ी के अच्छे प्रशिक्षण की व्यवस्था के साथ-साथ सेना में हमारे युवाओं को अवसर मिल सके, इसके लिए राज्य सरकार ने सैनिक स्कूल की स्थापना की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया है। केन्द्र सरकार के नए बजट में देश में 100 नए सैनिक स्कूल की स्थापना प्रस्तावित किये जाने पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में मण्डल मुख्यालय स्तर पर नए सैनिक स्कूल को खोलने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।

योगी ने कहा,‘‘देश में सैनिक स्कूलों का आरम्भ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से हुआ था। कैप्टन मनोज पाण्डेय, लखनऊ सैनिक स्कूल की ही देन थे, जिन्हें कारगिल युद्ध में सर्वोच्च बलिदान देने के लिए भारत के सर्वोच्च रक्षा सम्मान परमवीर चक्र से अलंकृत किया गया था। इसलिए हमारी सरकार ने कैप्टन मनोज पाण्डेय के नाम पर लखनऊ सैनिक स्कूल का नामकरण भी किया। उत्तर प्रदेश में वर्तमान में चार सैनिक स्कूल संचालित हैं। पांचवें सैनिक स्कूल का शिलान्यास जनपद गोरखपुर में हाल ही में सम्पन्न हुआ है।’’

उन्होंने कहा कि सेना, अर्द्धसैनिक बलों तथा पुलिस के प्रदेश के बहादुर जवानों की शहादत पर राज्य सरकार शहीद के परिवार को अपनी ओर से 50 लाख रुपये की सहायता प्रदान करती है तथा साथ ही, परिवार के एक सदस्य का शासकीय सेवा में समायोजन, शहीद के नाम पर उनके जनपद में एक भवन या मार्ग के नामकरण के साथ-साथ उनका स्मारक बनाने की कार्यवाही भी प्रारम्भ की गई है। उनका कहना था कि सैनिकों, पूर्व सैनिकों, सेना/अर्द्धसैन्य बलों में कार्यरत जवानों को सम्बल देने के लिए राज्य सरकार निरन्तर प्रयास कर रही है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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