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कोविड-19 महामारी के चलते उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा स्थगित

By भाषा | Updated: July 13, 2021 22:20 IST

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देहरादून, 13 जुलाई कुंभ में हुई फजीहत से सीख लेते हुए उत्तराखंड सरकार ने मंगलवार को कांवड़ यात्रा को स्थगित कर दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मुख्य सचिव डॉ एसएस संधु, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की यहां राज्य सचिवालय में कांवड़ यात्रा के संबंध में हुई एक बैठक में यह निर्णय किया गया।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री धामी ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘हरिद्वार को हम कोरोना वायरस महामारी का केंद्र नहीं बनाना चाहते और लोगों का जीवन हमारे लिए प्राथमिकता है जिससे हम खिलवाड़ नहीं कर सकते।’’ धामी ने कहा कि पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों से बातचीत करने के बाद यह निर्णय किया गया है।

यह पूछे जाने पर कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कांवड़ यात्रा को टालना नहीं चाहते थे, धामी ने केवल इतना कहा कि ‘‘हमने यात्रा स्थगित करने का निर्णय ले लिया है।’’

यह पूछे जाने पर कि अगर कांवड़िए राज्य में घुसते हैं तो इस स्थिति से कैसे निपटा जाएगा, मुख्यमंत्री ने कहा कि वह लोगों से न आने की अपील करते हैं क्योंकि महामारी के इस दौर में लोगों का जीवन बचाना ज्यादा जरूरी है। उन्होंने कहा कि भगवान भी नहीं चाहते कि लोगों के जीवन की हानि हो।

कोविड-19 की दूसरी लहर के प्रकोप के दौरान हरिद्वार कुंभ को लेकर प्रदेश सरकार को खासी किरकिरी झेलनी पड़ी थी और ऐसा माना जा रहा है कि अगले साल की शुरूआत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सरकार ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहती जिससे उसे फिर फजीहत झेलनी पड़े।

इससे पहले, बैठक में कोविड के ‘डेल्टा प्लस’ स्वरूप के पाए जाने, कोविड की तीसरी लहर की आशंका और संक्रमण के दुष्प्रभावों के संबंध में गहन विचार-विमर्श किया गया। इस संबंध में विशेषज्ञों की राय पर भी विचार किया गया।

मुख्यमंत्री धामी ने गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया कि वे पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए उनसे इस संबंध में प्रभावी कार्रवाई करने को कहें ताकि वैश्विक महामारी को रोकने में सफलता मिल सके।

यह लगातार दूसरा साल है जब महामारी के कारण कांवड़ यात्रा का संचालन नहीं किया जा रहा है। भारतीय चिकित्सा संघ ने भी हाल में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्रदेश और देश के हित में यात्रा को अनुमति न देने को कहा था। श्रावण माह से शुरू होने के साथ ही पखवाड़े भर चलने वाली कांवड़ यात्रा हर साल अगस्त के पहले सप्ताह तक चलती है और इस दौरान उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली जैसे राज्यों से लाखों की संख्या में शिवभक्त गंगा जल लेने हरिद्वार आते हैं। गंगा जल से वे अपने गांवों के शिवालयों में भगवान शिव का अभिषेक करते हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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