लाइव न्यूज़ :

विकास दुबे ने कानपुर शूटआउट में जिन पुलिसवालों को मारा उनके परिवार वाले बोले- 'गैंगस्टर का खेल तो खत्म हुआ लेकिन...'

By पल्लवी कुमारी | Updated: July 10, 2020 11:58 IST

Vikas Dubey Encounter: कानपुर एनकाउंटर का आरोपी विकास दुबे शुक्रवार (10 जुलाई) सुबह 9 बजे के करीब कानपुर के भौती इलाके में पुलिस मुठभेड़ मे मारा गया। विकास दुबे को गुरुवार मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफतार किया गया था।

Open in App
ठळक मुद्देविकास दुबे को गुरुवार (9 जुलाई) मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफतार किया गया था।कुख्यात अपराधी विकास दुबे पर आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोप था और उस पर पांच लाख रुपये का इनाम था।

लखनऊ: कानपुर मुठभड़े (Kanpur Encounter) का मुख्य आरोपी विकास दुबेएनकाउंटर (vikas Dubey Encounter) में शुक्रवार (10 जुलाई) सुबह मारा गया। हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद 3 जुलाई 2020 को कानपुर के बिकरू गांव में मुठभेड़ में जान गंवाने  वाले शहीद के परिवार वालों ने प्रतिक्रियाएं दी हैं। कानपुर शूटआउट में शहीद हुए कॉन्स्टेबल सुल्तान सिंह की पत्नी उर्मिला वर्मा ने है, ''मैं संतुष्ट हूं। लेकिन अब यह कैसे सामने आएगा कि कौन उसे (विकास दुबे) सपॉर्ट कर रहा था? उससे पूछताछ करके यह खुलासा नहीं किया जा सका।''

विकास दुबे के एनकाउंटर में मारे जाने पर कानपुर मुठभेड़ में जान गंवाने वाले पुलिसकर्मी जितेंद्र सिंह के पिता ने कहा, मैं उत्तर प्रदेश प्रशासन को धन्यवाद करता हूं, मैं आज बहुत खुश हूं। आज मुझे गर्व है कि मेरे बेटे की शहादत खाली नहीं गई। आज मेरे बेटे की आत्मा को संतुष्टि मिलेगी।  

कानपुर पुलिस ने बताया आखिर कैसे हुआ विकास दुबे का एनकाउंटर 

कानपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार ने बताया, तेज बारिश हो रही थी। पुलिस ने गाड़ी तेज भगाने की कोशिश की जिससे वह डिवाइडर से टकराकर पलट गयी और उसमें बैठे पुलिसकर्मी घायल हो गये। उसी मौके का फायदा उठाकर दुबे ने पुलिस के एक जवान की पिस्तौल छीनकर भागने की कोशिश की और कुछ दूर भाग भी गया। तभी पीछे से एस्कार्ट कर रहे एसटीएफ के जवानों ने उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की और उसी दौरान उसने एसटीएफ पर गोली चला दी जिसके जवाब में जवानों ने भी गोली चलाई और वह घायल होकर गिर पड़ा। हमारे जवान उसे अस्पताल लेकर गये जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। IG कानपुर रेंज मोहित अग्रवाल ने कहा, घटना में पुलिस के चार लोग भी घायल हुए हैं, उनका इलाज चल रहा है।

कानपुर शूटआउट: हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को उज्जैन पुलिस पकड़ कर ले जाते हुए (फाइल फोटो)

जानें कानपुर शूटआउट में क्या हुआ?

उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस की एक टीम ने दो और तीन जुलाई की मध्य रात्रि (एक से डेढ़ बजे के करीब) को चौबेपुर पुलिस थाने के अंतर्गत बिकरू गांव में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी करने पहुंची। जैसे ही पुलिस का एक दल हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के घर के पास पहुंचने ही वाला था। उसी दौरान एक इमारत की छत से पुलिस दल पर अंधाधुंध गोलीबारी की गई। ये सब इतनी जल्दीबाजी में हुआ कि पुलिस को संभलने का मौक नहीं मिला। जिसमें  पुलिस उपाधीक्षक सहित उत्तर प्रदेश पुलिस के आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए। जबकि दो अपराधी भी इस दौरान मारे गए। 

कानपुर के बिकरू गांव में मुठभेड़ वाली घटनास्थल पर यूपी पुलिस (तस्वीर ट्विटर)

शहीद होने वाले पुलिसकर्मियों में बिल्हौर के क्षेत्राधिकारी डिप्टी एसपी देवेंद्र मिश्रा (54), थानाध्यक्ष शिवराजपुर महेश कुमार यादव (42), सब इंस्पेक्टर अनूप कुमार सिंह (32), सब इंस्पेक्टर नेबू लाल (48), कांस्टेबिल जितेंद्र पाल (26), सुल्तान सिंह (35), बबलू कुमार (23) और राहुल कुमार (24) शामिल हैं।

टॅग्स :विकास दुबेकानपुरउत्तर प्रदेशएनकाउंटरuttar pradesh
Open in App

संबंधित खबरें

भारतयूपी में स्थापना दिवस के जरिए लोगों के घर-घर पहुंचेगी भाजपा, लोगों को PM मोदी और योगी सरकार की उपलब्धियां बताएँगे पार्टी पदाधिकारी

क्राइम अलर्टरिजवान अहमद को दिल्ली पुलिस ने उठाया?, मोबाइल, लैपटॉप की जांच, 2017 मुंबई बम विस्फोट को लेकर कार्रवाई

क्राइम अलर्टपति-पत्नी और वो..., अवैध संबंध के चलते महिला ने सुहाग को उतारा मौत के घाट; आगरा पुलिस का खुलासा

ज़रा हटकेVIRAL: बुलडोजर पर सवार होकर पहुंची विधायक, वायरल हुआ अनोखा अंदाज

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारत अधिक खबरें

क्राइम अलर्टमैडम दुकान के सामने गाड़ी मत लगाओ, ग्राहक को आने में दिक्कत होगी?, 78 वर्षीय दुकानदार को महिला उपनिरीक्षक ने थप्पड़ मारा, प्राथमिकी दर्ज

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

क्राइम अलर्टशिक्षा संस्थाओं में भी अंधविश्वास का घेरा! 

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल