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कानपुर के व्यापारी की मौत मामले की सुनवाई दिल्ली सीबीआई कोर्ट में होगी

By भाषा | Updated: November 12, 2021 19:48 IST

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नयी दिल्ली, 12 नवंबर उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कानपुर के एक व्यवसायी की मौत के मामले में मुकदमे को दिल्ली की एक सीबीआई अदालत में स्थानांतरित करने का आदेश दिया। उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा था कि उसे इससे कोई आपत्ति नहीं है।

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के उस प्रतिवेदन को स्वीकार किया कि सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ले ली है और अगर मुकदमे को दिल्ली में एक निर्दिष्ट अदालत में स्थानांतरित किया जाता है तो उसे कोई आपत्ति नहीं है।

पीठ ने कहा, “चूंकि जांच सीबीआई को स्थानांतरित कर दी गई है, इसलिए (व्यवसायी की विधवा द्वारा) मांगी गई पहली राहत पूरी हो गई है। मुकदमे के संबंध में, जांच एजेंसी दिल्ली में सक्षम अदालत के समक्ष अपनी अंतिम रिपोर्ट दाखिल करेगी … जांच पूरी होने पर दिल्ली में सीबीआई अदालत द्वारा मुकदमा चलाया जाएगा।”

पीठ ने स्पष्ट किया कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों में आदेश पारित किया गया है और उप्र सरकार द्वारा कहा गया है कि उसे व्यवसायी की विधवा द्वारा राज्य के बाहर मुकदमे को दिल्ली स्थानांतरित करने के लिए की गई प्रार्थना पर कोई आपत्ति नहीं है।

सुनवाई की शुरुआत में मेहता ने कहा कि तीन नवंबर को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद एजेंसी ने छह पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और फिलहाल वे जेल में बंद हैं

शीर्ष अदालत ने 29 अक्टूबर को कानपुर के एक व्यवसायी की मौत की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा था, जिसमें छह पुलिसकर्मियों पर हत्या का आरोप लगाया गया है।

व्यवसायी की विधवा की ओर से पेश अधिवक्ता अमित जॉर्ज ने कहा था कि घटना के ठीक बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय द्वारा एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई थी जिसमें कहा गया था कि सरकार सीबीआई जांच की सिफारिश करेगी।

पुलिस की छापेमारी के दौरान गोरखपुर के एक होटल में मनीष गुप्ता (36) की मौत हो गई। वह दो दोस्तों के साथ होटल में ठहरे थे। पुलिस ने पहले आरोप से इनकार किया था और कहा था कि नशे में होने के कारण जमीन पर गिरने के बाद उसके सिर में चोट लगी थी। 29 सितंबर को छापेमारी में शामिल छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

गोरखपुर के जिलाधिकारी विजय किरण आनंद ने बताया कि जिन पुलिसकर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है उनमें जेएन सिंह, उपनिरीक्षक विजय यादव और फलमंडी थाना प्रभारी अक्षय मिश्रा शामिल हैं।

अधिकारियों ने रामगढ़ ताल एसएचओ सहित पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था और जांच पुलिस अधीक्षक (नगर) को सौंप दी थी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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