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बीजेपी के विरोध के बाद कमलनाथ का यू-टर्न, अब पुलिस बैंड पर गाया जाएगा वंदे मातरम

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: January 3, 2019 16:43 IST

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पिछले 13 साल से हर महीने के पहले कामकाजी दिन भोपाल स्थित मंत्रालय (सचिवालय) में राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम’ गाने की परंपरा टूटने की बुधवार को आलोचना की थी।

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मध्य प्रदेश में कमलनाथ की सरकार अब अपने वंदे मातरम वाले फैसले से बदलते हुए दिख रही है। कमलनाथ की सरकार ने अब वंदे मातरम का गायन आकर्षक और अलग अंदाज में बनाने का फैसला लिया है। खबरों के मुताबिक अब अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ आम जनता भी वंदे मातरम के गायन में शामिल हो सकेंगे। कमलनाथ सरकार की ओर जारी बयान में कहा गया है कि अब वंदे मातरम पुलिस बैंड की धुन पर गाया जाएगा। नए स्वरुप में अब वंदे मातरम का गायन प्रत्येक माह की पहली तारीख को आमजन को जोड़ने के लिए पुलिस बैंड का सहारा लिया जाएगा। 

पुलिस बैंड का सहारा लेकर कमलनाथ ने लिया वंदे मातरम पर यू-टर्न

गौरतलब है कि बीजेपी ने प्रदर्शन किए तो मुख्यमंत्री ने बुधवार की रात को अधिकारियों के साथ बैठक कर नए स्वरुप में वंदे मातरम गायन की बात कही है। कमलानाथ सरकार द्वारा दिए निर्देश के में वंदे मातरम गायन की नई व्यवस्था कैसे होगी। इस बात का उल्लेख किया गया है। राज्य शासन द्वारा नयी व्यवस्था के तहत पुलिस बैंड का सहारा लेकर लोगों में राष्ट्रीय भावना को जागृत कर वंदे मातरम गायन से उन्हें जोड़ने का जिक्र किया गया है। जारी आदेश में कहा गया है कि नई व्यवस्था में राजधानी के शौर्य स्मारक से प्रात: 10: 45 बजे प्रारंभ होकर पुलिस बैंड राष्ट्रीय भावना जाग्रत करने वाले गीतों की धुन बजाते हुए वल्लभ भवन पहुंचेगा। आम जनता भी पुलिस बैंड के साथ चल सकेगी। 

पुलिस बैंड और आम जनता के वल्लभ भवन पहुँचने पर राष्ट्रीय गान ' जन-गण-मन' और राष्ट्रीय-गीत 'वन्दे-मातरम' गाया जाएगा। नये स्वरूप में वन्दे मातरम गायन का यह कार्यक्रम प्रत्येक माह के प्रथम कार्य-दिवस पर ही होगा। कार्यक्रम में राज्य मंत्रि-परिषद् के सदस्य क्रम से शामिल होंगे। नये स्वरूप में कार्यक्रम को आकर्षक बनाकर आम-जनता को इसमें शामिल होने के लिये प्रोत्साहित किया जाएगा। आम जनता की भागीदारी से 'वन्दे मातरम' गायन का यह कार्यक्रम भोपाल के आकर्षण के बिन्दुओं में से एक बन सकेगा।

जानें क्या था वंदे मातरम का पूरा विवाद 

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पिछले 13 साल से हर महीने के पहले कामकाजी दिन भोपाल स्थित मंत्रालय (सचिवालय) में राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम’ गाने की परंपरा टूटने की बुधवार को आलोचना की। उन्होंने ऐलान किया है कि यदि कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेसनीत मध्यप्रदेश की सरकार ने इस परंपरा को जारी नहीं रखा, तो भाजपा के सभी 109 विधायक 7 जनवरी को मंत्रालय में ‘वंदे मातरम’ का गान करेंगे।

चौहान ने बुधवार को ट्विटर पर लिखा, ‘‘अगर कांग्रेस को राष्ट्र गीत के शब्द नहीं आते हैं या फिर राष्ट्र गीत के गायन में शर्म आती है, तो मुझे बता दें! हर महीने की पहली तारीख़ को वल्लभ भवन के प्रांगण में जनता के साथ वंदे मातरम मैं गाऊंगा।’’ 

उन्होंने आगे लिखा, ‘‘मैं और भाजपा के समस्त विधायक मध्यप्रदेश विधानसभा सत्र की शुरूआत के पहले दिन 7 जनवरी, 2019 को प्रातः 10:00 बजे वल्लभ भवन के प्रांगण में वंदे मातरम का गान करेंगे। इस मुहिम से जुड़ने हेतु आप सभी का स्वागत है।’’ मालूम हो कि मध्य प्रदेश में पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने करीब 13 साल पहले हर महीने के पहले कार्यदिवस पर मंत्रालय के प्रांगण में वंदे मातरम गाने की परंपरा शुरू की थी।(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

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