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माधवराव सिंधिया की पार्टी को पुनजीर्वित करने की उठी मांग, ज्योतिरादित्य के समर्थकों पर बिगड़े कमलनाथ के मंत्री

By राजेंद्र पाराशर | Updated: February 20, 2020 06:39 IST

मध्यप्रदेश कांग्रेस में मुख्यमंत्री कमलनाथ और वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच चल रही बयानबाजी के दौर, मंगलवार को मुख्यमंत्री के बयान के बाद थम जाने के आसार बने थे, मगर सिंधिया समर्थक एक बार फिर खुलकर सामने आ गए हैं.

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ठळक मुद्देसिंधिया समर्थकों द्वारा सोशल मीडिया पर स्वर्गीय माधवराव सिंधिया की पार्टी को फिर से पुनर्जीवित करने की मांग की पोस्ट लगातार की जा रही है.सिंधिया समर्थकों द्वारा स्वर्गीय माधवराव सिंधिया द्वारा बनाई पार्टी को पुनर्जीवित करने की मांग उठाए जाने पर भाजपा के वरिष्ठ मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने तंज कसा है.

मध्यप्रदेश की राजनीति में वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के बयान के गर्माई सियासत थम नहीं रही है. सिंधिया समर्थकों द्वारा सोशल मीडिया पर स्वर्गीय माधवराव सिंधिया द्वारा बनाई पार्टी को पुनर्जीवित करने की बात समर्थकों द्वारा कही जा रही है. इसे लेकर कमलनाथ के मंत्री डा. गोविंद सिंह ने आज नाराजगी जताई और कहा कि जो लोग पार्टी के प्रति निष्ठा नहीं रखते, उन्हें पार्टी में रहने का अधिकार नहीं है.

मध्यप्रदेश कांग्रेस में मुख्यमंत्री कमलनाथ और वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच चल रही बयानबाजी के दौर, मंगलवार को मुख्यमंत्री के बयान के बाद थम जाने के आसार बने थे, मगर सिंधिया समर्थक एक बार फिर खुलकर सामने आ गए हैं.

सिंधिया समर्थकों द्वारा सोशल मीडिया पर स्वर्गीय माधवराव सिंधिया की पार्टी को फिर से पुनर्जीवित करने की मांग की पोस्ट लगातार की जा रही है. समर्थकों की यह पोस्ट काफी चर्चा में आई है. इस पोस्ट पर आज राज्य के सहकारिता मंत्री डा. गोविंद सिंह ने सिंधिया समर्थकों को आड़े हाथ लिया है. उन्होंने कहा कि वो पार्टी संगठन से अपील करेंगे कि ऐसे लोगों को पार्टी से निकाल दिया जाए. इतना ही नहीं डा. सिंह ने साफ कहा कि जो लोग पार्टी के प्रति निष्ठा नहीं रखते, उन्हें पार्टी में रहने का अधिकार नहीं है. जो लोग इस तरह की बातें कर रहे हैं, उन्हें तत्काल पार्टी छोड़ देना चाहिए.

गौरतलब है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अतिथि विद्वानों के समर्थन में सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरने वाला बयान दिया था. इसके बयान के बाद से सिंधिया समर्थक कार्यकर्ता और मंत्री लगातार पार्टी विरोधी बयान दे रहे हैं, जिससे सिंधिया समर्थक और दूसरे गुट के नेताओं के बीच तनातनी भी देखने को मिल रही है. इस बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था कि जब वे शिवराज सिंह चौहान पर नाराज नहीं होते, तो सिंधिया से उनकी कैसी नाराजगी. इस बयान के बाद लगा था कि मामला थम जाएगा, मगर ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है.

नई पार्टी बनाने के लिए चाहिए हिम्मत और कलेजा

सिंधिया समर्थकों द्वारा स्वर्गीय माधवराव सिंधिया द्वारा बनाई पार्टी को पुनर्जीवित करने की मांग उठाए जाने पर भाजपा के वरिष्ठ मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने तंज कसा है. उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि नई पार्टी बनाने के लिए हिम्मत और कलेजा चाहिए अगर सिंधिया जलालत से पार्टी में रह रहे हैं तो उन्हें ऐसा करना चाहिए. मिश्रा ने कहा कि हमारी सरकार के समय विपक्ष में जब सिंधिया जैसे कुछ समर्पित कांग्रेसी थे, जिन्होंने दिखावे के लिए सड़कों पर लड़ाई लड़ी, लेकिन वो आज कमलनाथ सरकार के समय भी सड़कों पर है. नरोत्तम ने कमलनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि जो आज सत्ता के शीर्ष पर बैठे हैं, वह कभी भाजपा के राज में सड़क पर आए ही नहीं. कमलनाथ, सिंधिया को सड़कों पर लाकर ही मानेंगे वह खुद कभी सड़क पर नहीं आएंगे.

टॅग्स :ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधियाकमलनाथमध्य प्रदेश
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