JNU हिंसा: दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन, AMU और मुंबई में भी प्रोटेस्ट
By रोहित कुमार पोरवाल | Updated: January 6, 2020 01:11 IST2020-01-05T23:47:52+5:302020-01-06T01:11:20+5:30
जेएनयू परिसर में हिंसा भड़कने के बाद जेएनयू के रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार ने एक बयान में कहा, ‘‘पूरे जेएनयू समुदाय के लिए अत्यावश्यक संदेश है कि परिसर में कानून व्यवस्था की समस्या पैदा हो गयी है। लाठियों से लैस कुछ नकाबपोश उपद्रवी आसपास घूम रहे हैं, संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं और लोगों पर हमले कर रहे हैं। जेएनयू प्रशासन ने व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस को बुलाया है।’’

दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर की तस्वीर। (फोटो-एएनआई)
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में रविवार रात को हिंसा भड़क गयी जब लाठियों से लैस कुछ नकाबपोश लोगों ने छात्रों तथा शिक्षकों पर हमला किया, परिसर में संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जिसके बाद प्रशासन को पुलिस को बुलाना पड़ा। घटना के बाद हरकत में आये गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस से और मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार से इस बारे में रिपोर्ट तलब की है। घटना के बाद कम से कम 18 लोग घायल हो गये जिन्हें एम्स में भर्ती कराया गया है। हमले में जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आईशी घोष को सिर में चोट आई है।
इस बीच, एक अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के पुलिस आयुक्त से बात की, जेएनयू में स्थिति के बारे में पूछताछ की। गृह मंत्री ने जेएनयू में हिंसा पर दिल्ली पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। उधर, जेएनयू के पूर्व छात्र तथा विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जेएनयू में हुई हिंसा की घटना की निंदा की।
उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘जेएनयू में जो कुछ भी हो रहा है उसकी तस्वीरें देखीं। हिंसा की स्पष्ट शब्दों में निंदा करता हूं। यह विश्वविद्यालय की परंपरा और संस्कृति के बिल्कुल खिलाफ है।’’ जेएनयू प्रशासन ने कहा कि लाठियों से लैस नकाबपोश उपद्रवी परिसर के आसपास घूम रहे थे। वे संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे थे और लोगों पर हमले कर रहे थे। वाम नियंत्रित जेएनयू छात्र संघ और आरएसएस समर्थित एबीवीपी ने करीब दो घंटे तक चली हिंसा के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है।
जेएनयू परिसर में हिंसा भड़कने के बाद जेएनयू के रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार ने एक बयान में कहा, ‘‘पूरे जेएनयू समुदाय के लिए अत्यावश्यक संदेश है कि परिसर में कानून व्यवस्था की समस्या पैदा हो गयी है। लाठियों से लैस कुछ नकाबपोश उपद्रवी आसपास घूम रहे हैं, संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं और लोगों पर हमले कर रहे हैं। जेएनयू प्रशासन ने व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस को बुलाया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह शांति बनाये रखने और चौकन्ना रहने का क्षण है। उपद्रवियों से निपटने के लिए प्रयास चल रहे हैं।’’ मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने परिसर में घटना को लेकर जेएनयू रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार से तत्काल रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों ने बताया, ‘‘हमने जेएनयू रजिस्ट्रार से परिसर की स्थिति के बारे में फौरन रिपोर्ट देने को कहा है। हमने कुलपति तथा दिल्ली पुलिस के अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि परिसर में शांति रहे।’’ सूत्रों के मुताबिक जेएनयू शिक्षक संघ द्वारा बुलाई गई बैठक के दौरान यह झड़प हुई। छात्र संघ ने दावा किया कि उसकी अध्यक्ष आईशी घोष और कई अन्य छात्र एबीवीपी सदस्यों के पथराव में चोटिल हो गए।
हालांकि, आरएसएस से संबद्ध छात्र संगठन एबीवीपी ने आरोप लगाया कि वामपंथी संगठनों से संबद्ध छात्र संगठनों ने क्रूरतापूर्ण तरीके से हमला किया और उनके 25 कार्यकर्ता घायल हो गये। जेएनयू छात्र संघ ने दावा किया कि एबीवीपी के सदस्य नकाब पहनकर परिसर में लाठियां, रॉड लेकर घूम रहे थे। छात्र संघ ने आरोप लगाया, ‘‘वे ईंट पत्थर फेंक रहे थे। छात्रावासों में घुसकर छात्रों को पीट रहे थे। कई शिक्षकों की भी पिटाई की गयी।’’ उन्होंने दावा किया कि जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष घोष पर बुरी तरीके से हमला किया गया और उनके सिर से खून बह रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी लोगों को परिसर में घुसने की अनुमति दी गयी और वे लड़कियों के हॉस्टलों में भी घुस गये।
उधर, एबीवीपी ने दावा किया कि वामपंथी छात्र संगठनों एसएफआई, आईसा और डीएसएफ के सदस्यों ने उन पर बुरी तरह हमला किया। उसने कहा, ‘‘हमले में करीब 25 छात्र गंभीर रूप से घायल हो गये और 11 छात्रों का अता-पता नहीं है। छात्रावासों में कई एबीवीपी सदस्यों पर हमले हो रहे हैं तथा वामपंथी गुंडे छात्रावासों में तोड़फोड़ कर रहे हैं।’’ विपक्षी कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने हिंसा को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा पर निशाना साधा। बड़ी संख्या में जेएनयू के छात्र राष्ट्रीय राजधानी में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शनों में हिस्सा ले रहे हैं। इससे पहले जेएनयू फरवरी 2016 में कुछ छात्रों द्वारा लगाये गये कथित देश विरोधी नारों को लेकर बड़े विवाद में रहा था।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि देश की सत्ता पर काबिज फासीवादी लोग बहादुर छात्रों की आवाज़ से डरते हैं। जेएनयू में आज की हिंसा उसी डर को दिखाती है। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने घटना की निंदा की और कहा कि हालात पर करीब से नजर रखी जा रही है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘जेएनयू में छात्रों और शिक्षकों पर हमला अत्यंत निंदनीय है। दिल्ली पुलिस को कानून व्यवस्था बनाये रखने तथा हिंसा के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए जेएनयू प्रशासन के साथ मिलकर हरसंभव कदम उठाने का निर्देश दिया। हालात पर करीब से नजर रखी जा रही है।’’
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जेएनयू छात्रों पर नकाबपोश लोगों का हमला ‘सरकार प्रायोजित कृत्य’ है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, मैं जेएनयू में हिंसा के बारे में जानकर स्तब्ध हूं। छात्रों पर जघन्य तरीके से हमला किया गया। पुलिस को हिंसा तत्काल रोकनी चाहिए और शांति बहाल करनी चाहिए। अगर हमारे छात्र विश्वविद्यालय परिसर के अंदर सुरक्षित नहीं रहेंगे तो देश कैसे प्रगति करेगा।’’ उन्होंने इस संबंध में उपराज्यपाल अनिल बैजल से बात की और पुलिस को कार्रवाई का निर्देश देने का अनुरोध किया। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘‘जेएनयू में छात्रों की पिटाई की गयी। गुंडे महिलाओं के छात्रावास में तोड़फोड़ कर रहे हैं। कहीं पुलिस नहीं है।
कहीं जेएनयू प्रशासन नहीं है। क्या मोदी सरकार इसी तरह छात्रों और युवाओं से बदला लेती है।’’ उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मोदी सरकार और जेएनयू की दुश्मनी जगजाहिर है। दिल्ली पुलिस जेएनयू के गेट पर है। इसके बावजूद गुंडे लाठियां लहरा रहे हैं, साबरमती तथा अन्य छात्रावासों में छात्रों की और शिक्षकों पिटाई कर रहे हैं। क्या सरकार प्रायोजित कृत्य है।’’ माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने जेएनयू की हिंसा के लिए एबीवीपी को जिम्मेदार ठहराया और आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोगों ने हमलों की साजिश रची। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटना की निंदा करते हुए कहा, ‘‘हमारे लेाकतंत्र के लिए शर्म की बात है। दिनेश त्रिवेदी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल जेएनयू के छात्रों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए दिल्ली रवाना हो गया है जिसमें सजदा अहमद, मानस भुइयां और विवेक गुप्ता हैं।’’ (भाषा)
06 Jan, 20 : 03:40 AM
जामिया समन्वय समिति ने हमलावरों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की
जामिया समन्वय समिति (JCC) ने कहा, ''हम मांग करते हैं कि जिन गुंडों ने जेएनयू में आतंक फैलाया, उनकी पहचान हो और उनके खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज की जाए।
Jamia Coordination Committee (JCC): We demand that the goons who unleashed terror in Jawaharlal Nehru University (JNU) be identified & a First Information Report (FIR) be initiated immediately against them.
— ANI (@ANI) January 5, 2020
06 Jan, 20 : 03:19 AM
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों ने मोमबत्ती जलाकर किया प्रदर्शन
Students of Aligarh Muslim University (AMU) hold candlelight protest against the violence in Jawaharlal Nehru University yesterday. pic.twitter.com/HraMX5Z79E
— ANI UP (@ANINewsUP) January 5, 2020
06 Jan, 20 : 03:17 AM
जेएनयू परिसर में दिल्ली पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च किए जाने पर लगे 'वापस जाओ' के नारे
#WATCH Delhi: 'Delhi police, go back' slogans raised during the flag march conducted by police inside Jawaharlal Nehru University (JNU) campus. pic.twitter.com/w5OYN3DAo0
— ANI (@ANI) January 5, 2020
06 Jan, 20 : 02:27 AM
दिल्ली पुलिस ने जेएनयू परिसर में फ्लैग मार्च किया
Delhi Police conducts flag march inside JNU campus after the violence in Jawaharlal Nehru University yesterday. pic.twitter.com/arJhkPMd8T
— ANI (@ANI) January 5, 2020
06 Jan, 20 : 02:26 AM
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ हिंसा की निंदा की
Jawaharlal Nehru University Teachers’ Federation(JNUTF): JNUTF appeals to agitators&their patrons not to instigate students for violence&criminal activities.We appeal to JNU community to restore peaceful environment of JNU where one can express his/her disagreement democratically https://t.co/9jKEJpHVyW
— ANI (@ANI) January 5, 2020
06 Jan, 20 : 01:47 AM
पुणे में छात्रों का प्रदर्शन
पुणे के फिल्म और टेलीविजन संस्थान के छात्रों ने जेएनयू में हिंसा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
Pune: Students of Film and Television Institute of India held protest against the violence in Jawaharlal Nehru University. (5.1.20) #Maharashtrapic.twitter.com/y8ye56Ioh7
— ANI (@ANI) January 5, 2020
06 Jan, 20 : 01:45 AM
दिल्ली पुलिस के पीआरओ ने जेएनयू के छात्रों और शिक्षकों से की मुलाकात
दिल्ली पुलिस के पीआरओ एमएस रंधावा ने जेएनयू के छात्रों और शिक्षकों से आईटीओ स्थित पुलिस मुख्यालय में बात की। छात्रों एक प्रतिनिधिमंडल को एम्स के ट्रॉमा सेंटर जाने की अनुमति दी गई। एम्स में जेएनयू के भीतर हुई हिंसा में घायल हुए छात्र भर्ती हैं।
Delhi Police PRO, MS Randhawa held meeting with students and teachers of JNU at the Police Headquarters at ITO. A student delegation has been allowed to visit AIIMS trauma centre where those injured in Jawaharlal Nehru University (JNU) violence are admitted. pic.twitter.com/4RFetQszAC
— ANI (@ANI) January 5, 2020
06 Jan, 20 : 01:14 AM
जेएनयू के बाहर छात्रों का प्रदर्शन जारी
Delhi: Students continue to protest outside JNU campus against the violence in Jawaharlal Nehru University earlier today. pic.twitter.com/6DA4tryBgy
— ANI (@ANI) January 5, 2020
06 Jan, 20 : 01:13 AM
मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया के पास छात्रों का प्रदर्शन
जेएनयू में हुई हिंसा के विरोध में मुंबई में भी अलग-अलग कॉलेजों के छात्रों ने गेटवे ऑफ इंडिया के पास इकट्ठा होकर प्रदर्शन किया।
Mumbai: Students from different colleges gather outside Gateway of India to protest against the violence in Jawaharlal Nehru University earlier today. #Maharashtrapic.twitter.com/6XL5Sqk425
— ANI (@ANI) January 5, 2020
06 Jan, 20 : 01:01 AM
दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शनकारी
Delhi: Protesters gather outside Police Headquarters against the violence in Jawaharlal Nehru University earlier today. pic.twitter.com/VW1baLvgdH
— ANI (@ANI) January 5, 2020
06 Jan, 20 : 01:00 AM
जेएनयू के बाहर छात्रों का प्रदर्शन
Delhi: Students continue to protest outside JNU campus against the violence in Jawaharlal Nehru University earlier today. pic.twitter.com/UOxJdS1LKf
— ANI (@ANI) January 5, 2020
06 Jan, 20 : 12:43 AM
भाजपा नेता मीडिया में ऐसा दिखा रहे हैं कि जेएनयू में हिंसा करने वाले उनके गुंडे नहीं थे : प्रियंका गांधी वाड्रा। (भाषा)
06 Jan, 20 : 12:42 AM
‘मोदी-शाह के गुंडे’ हमारे विश्वविद्यालयों में उपद्रव कर रहे हैं, हमारे बच्चों में भय फैला रहे हैं : प्रियंका गांधी। (भाषा)
06 Jan, 20 : 12:41 AM
जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा
कन्हैया कुमार ने ट्वीट किया, ''कितनी बेशर्म सरकार है, पहले फीस बढ़ाती है, विद्यार्थी विरोध करें तो पुलिस से पिटवाती है और छात्र तब भी ना झुकें, तो अपने गुंडे भेजकर हमला करवाती है। जब से सत्ता में आए हैं, तब से देश के हर कोने में देश के विद्यार्थियों के खिलाफ इन्होने जंग छेड़ रखी है।''
कितनी बेशर्म सरकार है, पहले फ़ीस बढ़ाती है, विद्यार्थी विरोध करें तो पुलिस से पिटवाती है और छात्र तब भी ना झुके, तो अपने गुंडे भेजकर हमला करवाती है। जब से सत्ता में आए हैं, तब से देश के हर कोने में देश के विद्यार्थियों के ख़िलाफ़ इन्होने जंग छेड़ रखी है।
— Kanhaiya Kumar (@kanhaiyakumar) January 5, 2020
06 Jan, 20 : 12:34 AM
अभिनेत्री जेनेलिया देशमुख ने अपराधियों को न बख्शने की अपील की
Absolutely disturbed to see the visuals of masked goons enter JNU and attack students & teachers - sheer brutality!! Humble appeal to the police to identify the perpetrators and bring them to justice
— Genelia Deshmukh (@geneliad) January 5, 2020
06 Jan, 20 : 12:32 AM
फिल्म अभिनेता रितेश देशमुख ने कहा- ऐसी हिंसा बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए
फिल्म अभिनेता रितेश देशमुख ने ट्वीट किया, ''अपना चेहरा क्यों छिपाते हो? क्योंकि तुम्हें पता है कि तुम कुछ गलत, गैरकानूनी और दंडनीय कर रहे हो। इसमें कोई सम्मान की बात नहीं है, जेएनयू के अंदर नकाबपोश गुंडों द्वारा छात्रों और शिक्षकों के नृशंसतापूर्ण तरीके से हमला किए जाने के विजुअल्स को देखना भयानक है, ऐसी हिंसा बर्दाश्त नहीं की जा सकती है और की जानी चाहिए।''
Why do you need to cover your face? Because you know you are doing something wrong, illegal & punishable. There is no honour in this-Its horrific to see the visuals of students & teachers brutally attacked by masked goons inside JNU-Such violence cannot & should not be tolerated
— Riteish Deshmukh (@Riteishd) January 5, 2020
06 Jan, 20 : 12:22 AM
जेएनयू की पूर्व छात्रसंघ नेता शेहला रशीद ने ट्वीट कर बताया कि विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एन साई बालाजी का ट्विटर अकाउंट नियमों का उल्लंघन करने के चलते बंद कर दिया गया। बता दें कि एन साई बालाजी ने कुछ वीडियो अपलोड किए थे जिनमें कुछ नकाबपोश उपद्रवी दिखाई दे रहे थे।
Ex JNUSU President @nsaibalaji who tweeted screenshots with proof of ABVP, RSS's meticulous planning of #JNUViolence has been locked out of his account "for posting private information".
— Shehla Rashid (@Shehla_Rashid) January 5, 2020
Tone-deaf much @jack@misskaul@twitterindia ??#StayStrongJNU#SOSJNU#JNUUnderAttackpic.twitter.com/PiOqUINsyu
06 Jan, 20 : 12:12 AM
घायल छात्रों मिलकर प्रियंका गांधी ने सरकार को घेरा
प्रियंका गांधी ने कहा कि यह किसी सरकार के बारे में बेहद ही शर्मनाक है कि उसने अपने ही बच्चों पर हिंसा होने दी। उन्होंने कहा कि कई घायल छात्रों के हाथ पैर टूटे हैं, और उनके सिर पर चोटें हैं।
Priyanka Gandhi Vadra tweets,"There is something deeply sickening about a government that allows and encourages such violence to be inflicted on their own children".(2/2)
— ANI (@ANI) January 5, 2020
06 Jan, 20 : 12:06 AM
प्रदर्शन के चलते दिल्ली के विकास मार्ग पर यातायात रोका गया
Delhi Traffic Police: Traffic movement is closed on Vikas Marg due to demonstration. Kindly avoid the stretch. pic.twitter.com/db4p0NkrxA
— ANI (@ANI) January 5, 2020
06 Jan, 20 : 12:04 AM
AIIMS के बाहर प्रदर्शन, 'जय भीम' के लगे नारे
#WATCH Delhi: ‘Jai Bhim’ slogans raised outside AIIMS trauma centre where those injured in Jawaharlal Nehru University (JNU) violence are admitted. pic.twitter.com/kMI1bl0fT5
— ANI (@ANI) January 5, 2020
06 Jan, 20 : 12:03 AM
पवार ने जेएनयू छात्रों पर हुए हमले को ‘अलोकतांत्रिक’, नियोजित करार दिया
राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों पर हुए हमले की निंदा की और इसे “अलोकतांत्रिक कृत्य” करार दिया। पवार ने ट्वीट किया, “जेएनयू छात्रों एवं प्रोफेसरों पर कायराना लेकिन नियोजित हमला किया गया। मैं गुंडागर्दी और हिंसा के इस अलोकतांत्रिक कृत्य की कड़ी निंदा करता हूं।” उन्होंने कहा, “लोकतांत्रिक मूल्यों एवं विचारों को दबाने के हिंसक तरीकों का इस्तेमाल कभी सफल नहीं होगा।”
05 Jan, 20 : 11:59 PM
जेएनयू में हिंसा के विरोध में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में प्रदर्शन। (भाषा)
05 Jan, 20 : 11:58 PM
जेएनयू हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन। (भाषा)
Delhi: Students protest outside Delhi Police headquarters against attack on students at Jawaharlal Nehru University pic.twitter.com/lt62dQIskb
— ANI (@ANI) January 5, 2020
05 Jan, 20 : 11:58 PM
दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज कराने के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जा रही है : जेएनयू। (भाषा)
05 Jan, 20 : 11:56 PM
AIIMS के बाहर प्रदर्शन, 'जय भीम' के लगे नारे
#WATCH Delhi: ‘Jai Bhim’ slogans raised outside AIIMS trauma centre where those injured in Jawaharlal Nehru University (JNU) violence are admitted. pic.twitter.com/kMI1bl0fT5
— ANI (@ANI) January 5, 2020
05 Jan, 20 : 11:56 PM
हिंसा मामले पर जेएनयू प्रशासन ने दिया बयान
विश्वविद्यालय के नियमों का उल्लंघन कर शांतिपूर्ण अकादमिक वातावरण को बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा : जेएनयू। (भाषा)
Jawaharlal Nehru University: It is unfortunate that violence took place in JNU campus this evening.The administration strongly condemns any form of violence in the campus.The JNU administration feels great pain&anguish for the students who have sustained injuries in the violence.
— ANI (@ANI) January 5, 2020