जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के छात्र आज दिल्ली पुलिस के खिलाफ दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे। विरोध प्रदर्शन का आह्वाहन जेएनयू के दृष्टिहीन और विकलांग छात्रों के संगठन ने किया है। छात्रों का कहना है कि छात्रावास शुल्क वृद्धि को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन वाले दिन दिल्ली पुलिस ने दृष्टिहीन और विकलांगों छात्रों पर जिस तरीके से लाठीचार्ज किया वह अमानवीय था। इनकी मांग है कि दृष्टिहीन और विकलांग छात्रों को न्यान मिलना चाहिए।
जेएनयू के छात्रों का दावा है कि दिल्ली पुलिस ने संसद मार्च के दौरान लाठीचार्ज करते वक्त इस बात का भी ध्यान नहीं दिया कि विकलांग छात्रों को छोड़ दिया जाए या उनके साथ संयम बरता जाए। संसद मार्च के दौरान स्थिति को काबू में करने के लिए दिल्ली पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया था। पुलिस ने छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष समेत करीब 100 जेएनयू छात्रों को हिरासत में लिया था। इस घटना में तकरीबन 200 से ज्यादा छात्र घायल हुए हैं।
जेएनयूएसयू के दृष्टिहीन छात्र शशिभूषण की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी। जिसमें दिख रहा था कि पुलिस ने उनपर भी लाठीचार्ज किया है। शशिभूषण फिलहाल एम्स में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। शशिभूषण के जख्मी हालत की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है।
शशिभूषण की तस्वीर कई नेताओं ने भी शेयर कर दिल्ली पुलिस की आलोचना की थी। जेएनयू के पूर्व अध्यक्ष एन साई बालाजी ने भी शशिभूषण की तस्वीर ट्वीट की थी। तस्वीर ट्वीट कर उन्होंने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लिखा कि दिल्ली पुलिस ने इस क्रांतिकारी गायक और जेएनयूएसयू के पार्षद शशिभूषण को बुरी तरह से पीटा है। इतना ही नहीं बूट (जूता) से छाती पर भी मारा है।