आतंकवाद के विरुद्ध जंग?, जम्मू कश्मीर पुलिस को 8000 से ज्यादा बुलेट-रेसिस्टेंट जैकेट और 47 लेवल-3 बुलेट-रेसिस्टेंट गाड़ियां
By सुरेश एस डुग्गर | Updated: March 17, 2026 15:09 IST2026-03-17T15:06:20+5:302026-03-17T15:09:29+5:30
पुलिस विभाग ने 8,000 से ज्यादा बुलेट-रेसिस्टेंट जैकेट खरीदी हैं। इनमें 7,416 लेवल-5 और 784 लेवल-6 बैलिस्टिक सुरक्षा जैकेट शामिल हैं।

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जम्मूः आतंकवादग्रस्त जम्मू कश्मीर में आतंकवाद के विरूद्ध छेड़ी गई जंग का रूख अब बदलने वाला है क्योंकि टेक्नोलाजी-आधारित पुलिसिंग की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, जम्मू कश्मीर पुलिस ने अपने आधुनिकीकरण अभियान को तेज कर दिया है। इसके तहत पुलिस ने बुलेटप्रूफ गाड़ियां, आधुनिक हथियार, निगरानी के गैजेट और सुरक्षा उपकरण खरीदे हैं, ताकि अपनी आपरेशनल क्षमता को बढ़ाया जा सके और अपने जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस संबंध में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस बल ने हाल ही में गृह मंत्रालय के सहयोग से चलाए जा रहे विभिन्न आधुनिकीकरण अभियानों के तहत अपने हथियारों के जखीरे और आवाजाही की क्षमता को अपग्रेड किया है। मकसद पूरे केंद्र शासित प्रदेश में उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए विभाग की क्षमता को मजबूत करना है।
बताया जाता है कि इस पहल के तहत, पुलिस विभाग ने 8,000 से ज्यादा बुलेट-रेसिस्टेंट जैकेट खरीदी हैं। इनमें 7,416 लेवल-5 और 784 लेवल-6 बैलिस्टिक सुरक्षा जैकेट शामिल हैं। इन्हें आतंकवाद-रोधी और ज्यादा जोखिम वाले आपरेशनों में तैनात जवानों को उच्च-स्तरीय सुरक्षा देने के लिए डिजाइन किया गया है।
यही नहीं, इसके अलावा, पुलिस बल ने आपरेशनल ड्यूटी के दौरान जवानों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए बुलेट-रेसिस्टेंट हल्की मोटर गाड़ियां खरीदना भी शुरू कर दिया है। इस बेड़े में 47 लेवल-3 बुलेट-रेसिस्टेंट गाड़ियां, 15 लेवल-2 गाड़ियां और 10 लेवल-1 गाड़ियां शामिल हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये गाड़ियां आतंकवाद रोधी आपरेशनों और गश्त के दौरान आवाजाही और सुरक्षा को काफी बेहतर बनाएंगी।
इन अधिकारियों ने बताया कि आधुनिकीकरण अभियान में आधुनिक निगरानी और पता लगाने वाले उपकरणों को शामिल करना भी शामिल है। इनमें 100 अल्ट्रा-वाइड निगरानी सिस्टम, 45 मिनी ड्रोन और 12 डीप सर्च माइन डिटेक्टर शामिल हैं। इनका मकसद खुफिया जानकारी जुटाने की क्षमता को मजबूत करना और मुश्किल इलाकों में आपरेशनल प्रतिक्रिया को बेहतर बनाना है।
इस घटनाक्रम से जुड़े एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि विभाग धीरे-धीरे ज्यादा टेक्नोलाजी-उन्मुख पुलिसिंग ढांचे की ओर बढ़ रहा है। अधिकारियों का कहना था कि आधुनिक पुलिसिंग के लिए उन्नत उपकरणों, बेहतर आवाजाही और वैज्ञानिक जांच के साधनों की जरूरत होती है।
बुलेटप्रूफ गाड़ियों, सुरक्षा उपकरणों और आधुनिक निगरानी गैजेट्स को शामिल करने से न केवल हमारी आपरेशनल क्षमताएं मजबूत होंगी, बल्कि मैदान में तैनात जवानों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। वे कहते थे कि विभाग देश भर के विश्वविद्यालयों, कालेजों और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं के साथ सहयोग स्थापित करके अपने जवानों की क्षमता निर्माण और पेशेवर प्रशिक्षण पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है।