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जींद : जिले में भारत बंद का व्यापक असर, 34 जगहों पर राजमार्ग जाम

By भाषा | Updated: September 27, 2021 21:16 IST

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जींद (हरियाणा), 27 सितंबर केन्द्र के नए कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा सोमवार को आहूत भारत बंद का हरियाणा के जींद जिले में व्यापक प्रभाव रहा। इस दौरान राजमार्ग लगभग पूरी तरह जाम रहे और व्यापारिक प्रतिष्ठान तथा बाजार भी बंद रहे।

किसान नेताओं ने कहा कि पिछले साल सितंबर में संसद में पारित हुए तीन कृषि कानूनों के विरोध में आज आहूत भारत बंद के तहत जिले में किसानों और अन्य संगठनों ने 34 जगहों पर राजमार्गों और स्थानीय सड़कों पर जाम लगाया। किसानों ने दिल्ली-बठिंडा रेल मार्ग भी जाम कर दिया।

बंद के मद्देनजर जिले की अनाज मंडियां पूरी तरह बंद रहीं, स्कूल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी बंद रहे। वहीं, यातायात की कमी के कारण सरकारी दफ्तरों में भी सन्नाटा रहा।

किसान नेताओं ने कहा कि भारत बंद के कारण जींद-रोहतक, जींद-पटियाला, जींद-कैथल, जींद-करनाल, जींद-सफीदों, असंध-पानीपत, जींद-हिसार, जींद-हिसार, जींद-बरवाला, नरवाना-टोहाना, जींद-गोहाना मार्ग घंटों तक बाधित रहे।

बंद के आह्वान पर किसान सोमवार की सुबह छह बजे से उन जगहों पर पहुंचने शुरू हो गए थे, जहां सड़कें जाम करने की योजना थी। सुबह नौ बजे तक सभी 34 जगहों पर रास्ते अवरुद्ध हो गए थे।

पुलिस ने बताया कि किसानों ने दिल्ली-बठिंडा रेलवे लाइन पर नरवाना पुल के नीचे जाम लगा दिया, जिसके कारण छिंदवाड़ा एक्सप्रेस को रोकना पड़ा।

किसान नेताओं ने बताया कि किसान दिन भर के लिए राशन पानी लेकर जाम स्थलों पर बैठे थे और वहां से गुजरने वाले राहगीरों को हो रही परेशानियों के लिए उन्होंने न सिर्फ उनसे माफी मांगी, बल्कि उन्हें वजह को लेकर समझाने का भी प्रयास किया।

उन्होंने कहा कि बंद से एम्बुलेंस और अन्य आपात सेवाओं को अलग रखा गया। उन्होंने आज हुई एक घटना का उदाहरण दिया और कहा, ‘‘हमने सड़क जाम करने के लिए बीचों बीच ट्रैक्टर खड़ा किया था। तभी एक एम्बुलेंस मरीज को लेकर वहां आयी, जिसे हमें रास्ता देना था, लेकिन ट्रैक्टर की चाभी खो गयी थी। लेकिन वहां मौजूद युवाओं ने हल निकाला और अपने बाहुबल से ट्रैक्टर को उठाकर सड़क से हटाया और एम्बुलेंस को रास्ता दिया।’’

प्रदर्शन में शामिल किसानों ने कहा, ‘‘हम बंद अपनी मांगों और अपनी समस्याओं को लेकर कर रहे हैं, हमारा मकसद किसी को परेशान करना नहीं है।’’

प्रशासन ने बताया कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल के साथ-साथ भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) भी तैनात की गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘सुरक्षा बलों को जाम की जगहों से कुछ दूरी पर तैनात किया गया था, ताकि वे स्थिति पर नजर भी रख सकें और आवश्यकता पड़ने पर कार्रवाई भी आसानी से कर सकें।’’

पुलिस अधीक्षक वसीम अकरम ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से जिले में चार पुलिस उपाधीक्षकों, 22 निरीक्षकों समेत 1,200 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। उनके अलावा आईटीबीपी की एक कंपनी भी तैनात की गई थी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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