‘कलम का कारवां’ आयोजन के जरिए जमशेदपुर में लेखकों की अनकही कहानियों को मंच देगा साहित्यसिंधिका 

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 28, 2026 12:13 IST2026-01-28T12:13:02+5:302026-01-28T12:13:56+5:30

21 फ़रवरी 2026, शनिवार की शाम 5:00 बजे से 7:00 बजे तक कैफै रीगल, बिष्टुपुर, जमशेदपुर में आयोजित होगा।

jharkhand Sahityasindhika provide platform untold stories writers in Jamshedpur through event 'Kalam Ka Caravan' | ‘कलम का कारवां’ आयोजन के जरिए जमशेदपुर में लेखकों की अनकही कहानियों को मंच देगा साहित्यसिंधिका 

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Highlightsलेखकों की आवाज़, उनके संघर्ष और उनके अनुभवों को समाज तक पहुँचाना है।कार्यक्रम का संचालन हुमन्स ऑफ जमशेदपुर के सदस्य करेंगे।

जमशेदपुरः नए समय के साथ समाज की सोच, अभिव्यक्ति के तरीके और संवाद की भाषा भी बदलती जा रही है। आज की पीढ़ी सिर्फ़ शब्द नहीं पढ़ना चाहती, बल्कि उनके पीछे छिपी सच्ची कहानियाँ भी जानना चाहती है। ऐसे में साहित्य की भूमिका भी पहले से कहीं अधिक व्यापक, संवेदनशील और ज़िम्मेदार हो गई है। इसी बदलते दौर की ज़रूरतों को समझते हुए साहित्यसिंधिका एक नई सोच और नई दिशा के साथ साहित्यिक मंच के रूप में उभर रहा है। साहित्यसिंधिका का उद्देश्य केवल रचनाओं को प्रकाशित करना नहीं, बल्कि लेखकों की आवाज़, उनके संघर्ष और उनके अनुभवों को समाज तक पहुँचाना है।

यह मंच उन रचनाकारों के लिए है, जिनकी कहानियाँ किताबों के पन्नों से आगे बढ़कर लोगों के दिलों तक पहुँचना चाहती हैं। इसी उद्देश्य के तहत साहित्यसिंधिका द्वारा एक विशेष साहित्यिक आयोजन “कलम का कारवां” का आयोजन किया जा रहा है, जो 21 फ़रवरी 2026, शनिवार की शाम 5:00 बजे से 7:00 बजे तक कैफै रीगल, बिष्टुपुर, जमशेदपुर में आयोजित होगा।

कार्यक्रम का संचालन हुमन्स ऑफ जमशेदपुर के सदस्य करेंगे। “कलम का कारवां” केवल कविता-पाठ या सामान्य साहित्यिक चर्चा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह लेखकों की अनकही कहानियों, उनके संघर्षों और जीवन के अनुभवों को मंच देने का एक सशक्त प्रयास होगा। इस मंच पर वे कहानियाँ सामने आएँगी,

जो अब तक केवल किताबों में पढ़ी गई थीं, लेकिन जिनके पीछे छिपी भावनाएँ, संघर्ष और जीवन की सच्चाइयाँ आम लोगों तक नहीं पहुँच पाई थीं। कार्यक्रम से जुड़े साहित्यिक विचारों और रचनात्मक संवाद को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाने तथा रचनाकारों के बीच निरंतर साहित्यिक वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से शब्दवाणी इस आयोजन के साथ सोशल मीडिया सहभागिता के रूप में जुड़ी हुई है।

इस साहित्यिक आयोजन को और अधिक गरिमामय बनाने के लिए शहर के प्रमुख साहित्यिक और सामाजिक व्यक्तित्वों की उपस्थिति भी रहेगी। कार्यक्रम में जमशेदपुर की जानी-मानी लेखिका, सामाजिक कार्यकर्ता एवं राजनीतिज्ञ अन्नी अमृता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी, जबकि वरिष्ठ पत्रकार चंद्रशेखर सिंह विशेष अतिथि के तौर पर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएँगे।

दोनों अतिथि अपने साहित्यिक, सामाजिक और वैचारिक अनुभवों के माध्यम से कार्यक्रम को दिशा प्रदान करेंगे। कार्यक्रम के दौरान जमशेदपुर के लेखकों और रचनाकारों के साथ संवाद का आयोजन किया जाएगा। इस संवाद में साहित्य की सामाजिक भूमिका, लेखक की ज़िम्मेदारी, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और रचनात्मक संघर्ष जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा होगी।

यह सत्र न केवल साहित्यकारों के लिए, बल्कि युवाओं और नए लेखकों के लिए भी प्रेरणादायक सिद्ध होने की उम्मीद है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “लेखकों की संघर्ष और अनकही कहानियाँ” सत्र होगा, जिसमें जमशेदपुर से चयनित लेखक अपनी लेखकीय यात्रा, पहली असफलताएँ, समाज की प्रतिक्रिया, आत्म-संदेह, पारिवारिक सहयोग और साहित्य से मिली पहचान जैसे अनुभव साझा करेंगे।

यह सत्र लेखकों के जीवन के उस पक्ष को सामने लाएगा, जो सामान्यतः मंचों और पुस्तकों से परे रह जाता है। साहित्यसिंधिका का मानना है कि साहित्य केवल पढ़ने की वस्तु नहीं, बल्कि समाज को संवेदनशील, जागरूक और विचारशील बनाने का सशक्त माध्यम है।

“कलम का कारवां” इसी सोच के साथ जमशेदपुर में साहित्यिक चेतना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सार्थक पहल के रूप में देखा जा रहा है। शहर के साहित्यप्रेमियों, युवाओं, लेखकों और रचनात्मक सोच रखने वाले सभी लोगों से इस विशेष साहित्यिक आयोजन में भाग लेकर लेखकों की अनकही कहानियों से जुड़ने और इस साहित्यिक यात्रा का हिस्सा बने।

Web Title: jharkhand Sahityasindhika provide platform untold stories writers in Jamshedpur through event 'Kalam Ka Caravan'

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