“जय श्री राम” नहीं “जय मां काली” का नारा?, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी ने बंगाल के मतदाताओं के लिए भावुक संदेश लिखा
By सतीश कुमार सिंह | Updated: February 23, 2026 12:27 IST2026-02-23T12:07:27+5:302026-02-23T12:27:42+5:30
“जय मां काली” और “जय मां दुर्गा” के नारों को अपनाने से भगवा पार्टी का बंगाल की सामाजिक-सांस्कृतिक संस्कृति से अधिक जुड़ाव स्थापित करने का प्रयास झलकता है।

file photo
कोलकाताः साल 2026 में पश्चिम बंगाल विधानसभा होने जा रहा है। यहां पर मुख्य मुकाबला भाजपा और टीएमसी के बीच है। 294 सीट पर कांटे की टक्कर है। भाजपा और टीएमसी के बड़े नेता लगातार चुनावी रैली कर रहे हैं। सीएम ममता बनर्जी लगातार तीन बार (2011, 2016 और 2021) विजयी पताका फहरा चुकी है और चौका लगाने वाली है। वाम दल और कांग्रेस का कोई आधार नहीं है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राज्य की जनता के नाम एक भावुक पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने “जय मां काली” का नारा पेश किया और बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठ के कथित मामलों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने यह भी दोहराया कि महिलाओं की सुरक्षा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सर्वोच्च प्राथमिकता है। 2021 में भाजपा ने 77 सीट पर कब्जा किया था।
BREAKING || PM’s Letter to Bengal Voters
— TIMES NOW (@TimesNow) February 23, 2026
- Letter opens with “Joy Maa Kali”
PM writes: “Let’s build Shonar Bangla together”
PM Modi criticises the “politics of violence and appeasement” in Bengal @amitk_journo & @Journo_Rajesh share more details with @aakaaanksha. pic.twitter.com/YzSiCcJMb2
मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा
भाजपा के राजनीतिक संदेश में एक सोची-समझी रणनीति का संकेत है। पार्टी राज्य में अपनी "बाहरी" छवि को मिटाने का प्रयास कर रही है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कोलकाता में भाजपा महिला मोर्चा की एक सभा में अपने संबोधन की शुरुआत मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए की। आपको अपनी इज्जत बचाने के लिए अपने भीतर दुर्गा की शक्ति का आह्वान करना होगा।
सुवेंदु अधिकारी ने गंगा माता और मां तारा की प्रशंसा
कोई और आपके लिए यह नहीं करेगा। उन्होंने आरजी कर अस्पताल बलात्कार-हत्या और दुर्गापुर मेडिकल कॉलेज बलात्कार का जिक्र किया। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कार्यक्रम में भाषण भी दिया। अपने भाषण का समापन मां दुर्गा और मां तारा की प्रशंसा के साथ किया। विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने गंगा माता और मां तारा की प्रशंसा की, जो भाजपा के राम-केंद्रित दृष्टिकोण से एक बदलाव का संकेत।
भाजपा के चुनावी कार्यक्रमों में संदेश में बदलाव
हाल तक भाजपा के बंगाल चुनाव प्रचार में “जय श्री राम” का नारा प्रमुखता से इस्तेमाल किया जा रहा था, जो उत्तर और पश्चिम भारत में काफी लोकप्रिय है। “जय मां काली” और “जय मां दुर्गा” के नारों को अपनाने से भगवा पार्टी का बंगाल की सामाजिक-सांस्कृतिक संस्कृति से अधिक जुड़ाव स्थापित करने का प्रयास झलकता है। भाजपा के चुनावी कार्यक्रमों में संदेश में बदलाव तेजी से स्पष्ट होता जा रहा है।
मां असुरक्षित है, मानुष पीड़ित है और माटी निगल ली गई
“मां असुरक्षित है, मानुष पीड़ित है और माटी निगल ली गई है।” ममता के शासन में महिलाएं सुरक्षित महसूस नहीं करतीं, आम लोग सिंडिकेट के दबाव में जी रहे हैं और जमीन पर घुसपैठियों का कब्जा हो रहा है। 2011 से 2025 के बीच पश्चिम बंगाल से 6,900 कंपनियां या तो बंद हो गईं या राज्य छोड़कर चली गईं। 2026 वह साल है, जब टीएमसी को ‘टाटा, बाय-बाय’ कहने का समय आ गया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कई बार पश्चिम बंगाल का दौरा कर चुके हैं
आपको बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कई बार पश्चिम बंगाल का दौरा कर चुके हैं और भाजपा कार्यकर्त्ता को 200 का लक्ष्य दिया है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर घुसपैठियों को संरक्षण देने, सामाजिक तनाव बढ़ाने और चुनावी लाभ के लिए जानबूझकर सीमा सुरक्षा को कमजोर करने का आरोप लगाया है। शाह ने दावा किया कि देश में कोई भी सरकार टीएमसी सरकार जितनी “भ्रष्ट” नहीं है।
पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनाव को एक सामान्य राजनीतिक मुकाबले से कहीं अधिक बताया। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा, सुशासन और बंगाली अस्मिता को लेकर जनमत संग्रह करार दिया। “वोट बैंक की राजनीति” के चलते टीएमसी सरकार में भारत-बांग्लादेश सीमा से अवैध घुसपैठ बेकाबू हो गई है।