घबरा कर भाग रहे आतंकी, कश्मीरी पंडितों को अंजाम भुगतने की दी धमकी, एक्शन में सुरक्षा बल
By सुरेश एस डुग्गर | Updated: February 6, 2026 16:04 IST2026-02-06T16:03:38+5:302026-02-06T16:04:36+5:30
लश्कर का कहना था कि उनकी तरह मत बनो और अपना नाम उनकी मौत की सूची में मत लिखवाओ।

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जम्मूः प्रदेश में सुरक्षाबलों के ताबड़तोड़ अभियानों का असर यह है कि घबरा कर भाग रहे आतंकी अब कश्मीरी पंडितों को डराने धमकाने के लिए धमकियां जारी करने लगे हैं। हालांकि ऐसी ही ताजा जारी धमकी से कश्मीरी पंडितों में भय का माहौल जरूर देखा जा रहा है। दरअसल जम्मू कश्मीर में आतंकियों के सफाए के लिए सेना लगातार अभियान चल रही है, इसके साथ ही आतंकियों के मददगारों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इस बीच कश्मीर में सक्रिय सबसे बड़े आतंकी समूहों में से एक, टीआरएफ के नए सामने आए फलकान स्क्वाड ने कश्मीरी पंडितों को खुले तौर अंजाम भुगतने की धमकी दी है। कश्मीरी पंडितों के लिए टीआरएफ के फल्कान स्क्वाड दस्ते ने इंटरनेट पर एक पत्र जारी किया है, जिसमें कहा है कि राहुल पंडित, बिंदरू और अन्य लोगों के साथ आपका भी वही हश्र होगा।
उसके लिए तैयार रहें। अंग्रेजी में लिखे इस पत्र में कहा गया है कि कश्मीरी पंडितों को पहले ही ये चेतावनी दी गई थी अपने फायदे के लिए बलि का बकरा न बनें, लेकिन सभी लोग उसी रास्ते पर चल रहे हैं। इतना जरूर था कि इस पत्र को सुरक्षाबल गंभीरता से जरूर ले रहे हैं। इस पत्र की शुरुआत सलाम के साथ होती है।
जिसके आगे कहा गया है कि पहले हमने कश्मीरी प्रवासी पंडितों को सलाह दी थी या चेतावनी दी थी कि वो तुच्छ लाभों के लिए बलि का बकरा न बनें, लेकिन आप सब क्रूर मौत के रास्ते पर चलते दिख रहे हैं। इस पत्र में आगे धमकी और चेतावनी जारी करते हुए कहा गया है कि आप सभी अपने बीच के उन सहयोगियों का अंजाम जानते हैं, जैसे राहुल पंडित, बिंदरू, मोहन लाल और कई अन्य, जिन्होंने चेतावनी के बावजूद अपने अंजाम को अनसुना कर दिया। लश्कर का कहना था कि उनकी तरह मत बनो और अपना नाम उनकी मौत की सूची में मत लिखवाओ।
यह स्क्वाड कहता था कि विशेषकर कश्मीर की जनसांख्यिकीय स्थिति को बदलने के लिए, इस संघी शासन ने विशेष रूप से स्थानीय कश्मीरियों को बदनाम करने और उन्हें दानव के रूप में दिखाने के लिए आपका इस्तेमाल किया था। झूठे आरोपों पर स्थानीय कर्मचारियों को बर्खास्त करके, आपकी नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त करके, गैर-स्थानीय लोगों को खुश करने के लिए स्थानीय संपत्तियों को जब्त करके, यह संघी शासन इन गैर-स्थानीय लोगों और आप कश्मीरी प्रवासी पंडितों के और भी भयानक नरसंहार का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।
स्क्वाड ने आगे कहा कि पहले हमने आपको निशाना बनाने की अपनी गतिविधियों को रोक रखा था क्योंकि कुछ कश्मीरी प्रवासी पंडित समूहों और आपके वरिष्ठों ने आश्वासन दिया था कि वो संघी शासन के हाथों में नहीं खेलेंगे और बलि का बकरा नहीं बनेंगे,लेकिन अब आपने अपने वरिष्ठों और अपने ही समूहों द्वारा किए गए इस समझौते को तोड़ दिया है,
इसलिए राहुल पंडित, बिंदरू और अन्य लोगों के साथ आपका भी वही हश्र होगा उसके लिए तैयार रहें। टीआरएफ के नए सामने आए फल्कान स्क्वाड ने कहा कि आपके कार्यों पर हमारी नजर है और हम उन्हें अनदेखा नहीं कर रहे हैं। धमकी के तौर पर आतंकी गुट ने कहा कि विपत्ति आने पर मगरमच्छ के आंसू न बहाएं।