लाइव न्यूज़ :

जम्मू कश्मीर की सबसे लंबी मुठभेड़ को खत्म करने के लिए से सेना ने शुरू किया फाइनल असाल्ट

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: October 26, 2021 16:02 IST

मंगलवार को आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच इसी जंगल में मुठभेड़ उस समय फिर से शुरू हो गई जब सेना ने आतंकियों को खत्म करने के इरादों से फाइनल असॉल्ट को शुरू करते हुए आतंकियों को घेर कर चारों ओर से ही नहीं बल्कि आसमान से भी लड़ाकू हेलिकाप्टरों व ड्रोनों से हमला बोला था।

Open in App
ठळक मुद्दे9 जवानों को गंवाने वाली सेना अभी तक दर्जनभर आतंकियों के शव तलाश नहीं कर पाई.पुंछ जिले के भाटाधुड़ियां जंगलों में 16 दिनों से चल रही मुठभेड़.सेना ने आसमान से भी लड़ाकू हेलिकाप्टरों व ड्रोनों से हमला बोला है.

जम्मू: पुंछ जिले के भाटाधुड़ियां जंगलों में 16 दिनों से चल रही मुठभेड़ जम्मू कश्मीर में आतंकवाद के इतिहास की सबसे लंबी मुठभेड़ बन गई है। सेना अब इसे किसी भी तरह से खत्म करना चाहती है क्योंकि अपने 9 जवानों को गंवाने वाली सेना अभी तक उन दर्जनभर आतंकियों के शव भी तलाश नहीं कर पाई है जिनका उसने दावा किया था जबकि उसके 10 से अधिक जवान जख्मी भी हैं।

यही कारण था कि मंगलवार को आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच इसी जंगल में मुठभेड़ उस समय फिर से शुरू हो गई जब सेना ने आतंकियों को खत्म करने के इरादों से फाइनल असॉल्ट को शुरू करते हुए आतंकियों को घेर कर चारों ओर से ही नहीं बल्कि आसमान से भी लड़ाकू हेलिकाप्टरों व ड्रोनों से हमला बोला था।

जंगल के आसपास रहने वाले लोगों के मुताबिक, फायरिंग की आवाज दूर तक सुनाई दे रही है। इससे पहले सुरक्षाबलों ने आतंकियों के छह से आठ ठिकाने खोज निकाले थे। इनका इस्तेमाल आतंकी लंबे समय से कर रहे थे। 

आतंकी ठिकानों से कपड़े दवाइयां, खाने के पैकेट समेत कुछ गोला बारूद भी बरामद किया गया है। मंगलवार को सुरक्षाबल जंगल के बड़े हिस्से में तलाशी अभियान चला रहे हैं। 

रविवार को भाटाधुड़ियां के जंगल में आतंकी ठिकाने का पता लगाने के लिए जेल में बंद आतंकी को साथ लेकर गए सुरक्षाबलों पर छिपे आतंकियों ने हमला कर दिया था। इसमें पाकिस्तानी आतंकी जिया मुस्तफा की मौत हो गई थी। 

मुस्तफा को कोट भलवाल जेल से पुंछ लाया गया था। वह आतंकियों के संपर्क में था और उन्हें भाटाधुड़ियां के जंगल में छिपने व हमला करने में गाइड कर रहा था। आतंकियों की फायरिंग में दो पुलिसकर्मी और एक सेना का जवान घायल हो गए थे, जिनका उपचार जारी है।

सोमवार सुबह जैसे ही सुरक्षा बलों ने प्राकृतिक गुफाओं की घेराबंदी को कड़ा किया, जंगल में छिपे आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। सुबह साढ़े छह से साढ़े आठ और फिर नौ से साढ़े नौ बजे तक गोलीबारी होती रही। 

इसके बाद जंगल में कोई फायरिंग नहीं हुई। अभी तक किसी आतंकी के मारे जाने की आधिकारिक सूचना नहीं है। सेना और पुलिस के एसओजी विंग के जवान एहतियात बरतते हुए मोर्चा संभाले हुए हैं।

टॅग्स :जम्मू कश्मीरभारतीय सेनाआतंकी हमलाएनकाउंटर
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारतगंदरबल एनकाउंटर: 7 दिन में रिपोर्ट पेश करो?, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा

भारतफील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ: पाक पर 1971 की महाविजय के नायक

भारतअमरनाथ यात्रा पर पहलगाम नरसंहार की परछाई?, सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता, 29 जून को पूजा और 17 जुलाई से शुरू?

भारत अधिक खबरें

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल