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जम्मू कश्मीर में पत्थरबाजों पर सख्त कार्रवाई, न मिलेगी सरकारी नौकरी और न ही होगा पासपोर्ट क्लियरेंस

By अभिषेक पारीक | Updated: August 1, 2021 14:19 IST

जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों पर पत्थर फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। पत्थरबाजी करने वाले युवाओं को न अब सरकारी नौकरी मिलेगी और न ही ऐसे लोग अपना पासपोर्ट बनवा सकेंगे।

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ठळक मुद्देजम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों पर पत्थर फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। पत्थरबाजों को अब न सरकारी नौकरी मिलेगी और न ही पासपोर्ट वेरिफिकेशन होगा। कश्मीर सीआईडी की ओर से ऐसे लोगों को सुरक्षा क्लियरेंस नहीं देने के लिए कहा है। 

जम्मू कश्मीर सरकार ने सुरक्षाबलों पर पथराव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। पत्थरबाजी करने वाले युवाओं को न अब सरकारी नौकरी मिलेगी और न ही ऐसे लोग अपना पासपोर्ट बनवा सकेंगे। हाल ही में कश्मीर सीआईडी की ओर से एक सर्कुलर जारी किया गया है। जिसमें पत्थरबाजी जैसी गतिविधियों में शामिल रहने वालों और राज्य की सुरक्षा को खतरे में डालने वालों की को सुरक्षा मंजूरी देने से इनकार करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए सभी डिजिटल साक्ष्यों और पुलिस रिकॉर्ड्स को ध्यान में रखा जाएगा।

सर्कुलर में साफ तौर पर कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति की पासपोर्ट बनवाने, सरकारी नौकरी या फिर किसी सरकारी योजना से जुड़े मामले में सिक्योरिटी क्लियरेंस की रिपोर्ट को तैयार किया जाए तो उसमें यह भी देखा जाना चाहिए कि वह व्यक्ति पत्थरबाजी, कानून व्यवस्था भंग करने या फिर किसी अन्य अपराध में तो शामिल नहीं रहा है। यदि व्यक्ति इनमें लिप्त पाया जाए तो उसे सिक्योरिटी क्लियरेंस नहीं दिया जाना चाहिए। 

इस सर्कुलर को सीआईडी कश्मीर के एसएसपी की ओर से जारी किया गया है। इसमें यह भी कहा गया है कि ऐसे व्यक्तियों की पहचान के लिए पुलिस स्टेशन से भी रिपोर्ट ली जानी चाहिए। साथ ही बताया गया है कि विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस के पास भी ऐसे लोगों के बारे में सूचनाएं होती हैं, जिनमें सीसीटीवी फुटेज, तस्वीरें, ऑडियो और क्वाडकॉप्टर के जरिये ली गई तस्वीरें भी होती हैं। जिनकी मदद से संबंधित व्यक्ति के बारे में पता लगाया जा सकता है। 

सरकारी नौकरी के लिए सीआईडी रिपोर्ट अनिवार्य

केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन की ओर से जम्मू और कश्मीर सिविल सेवा में एक संशोधन के जरिये सरकारी नौकरी पाने वालों के लिए संतोषजनक सीआईडी रिपोर्ट को अनिवार्य कर दिया गया था। 

पथराव करने के कई मामले सामने आए

बता दें कि जम्मू कश्मीर में कुछ सालों से सुरक्षाबलों को रोकने और आतंकवादियों को भगाने के लिए स्थानीय लोगों द्वारा पथराव करने के कई मामले सामने आए हैं। जिसके बाद सुरक्षाबलों की ओर से ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाती है। 

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