लाइव न्यूज़ :

कश्मीर के दो परिवार बच्चों के अपहरण को लेकर चिंतित, पिछले 39 दिनों से आतंकियों की कैद में

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: September 14, 2020 17:26 IST

सैनिक 39 दिन पहले अगवा किया गया था उसके प्रति आतंकी आडियो संदेश देकर कह चुके हैं कि उसे मार दिया गया था। पर परिवार मानने को राजी नहीं। वह उसके शव की मांग कर रहा है। दूसरा परिवार भी सैनिक का है। इस परिवार का एक बेटा सैनिक है और उसके भाई को आतंकियों ने 8 सितम्बर को अगवा कर लिया था।

Open in App
ठळक मुद्देयह सच है कि आतंकियों द्वारा अगवा किए गए सैन्य जवान शाकिर मंजूर का 39 दिन बाद भी कई सुराग नहीं लग पाया है।परिवार और सेना तलाश में जुटी है। अब परिवार ने आतंकियों से अपील की है कि जवान को छोड़ दें।अगर मार दिया है तो उसका शव लौटा दें। ताकि वे उसे आखिरी बार देख सकें और दफन कर सकें। 

जम्मूः कश्मीर के दो परिवार अपने बच्चों के अपहरण को लेकर चिंतित हैं। दोनों ही परिवार सेना से जुड़े हुए हैं। इनमें से एक का सैनिक बेटा पिछले 39 दिनों से आतंकियों की कैद में है, तो दूसरा 6 दिनों से।

जो सैनिक 39 दिन पहले अगवा किया गया था उसके प्रति आतंकी आडियो संदेश देकर कह चुके हैं कि उसे मार दिया गया था। पर परिवार मानने को राजी नहीं। वह उसके शव की मांग कर रहा है। दूसरा परिवार भी सैनिक का है। इस परिवार का एक बेटा सैनिक है और उसके भाई को आतंकियों ने 8 सितम्बर को अगवा कर लिया था।

यह सच है कि आतंकियों द्वारा अगवा किए गए सैन्य जवान शाकिर मंजूर का 39 दिन बाद भी कई सुराग नहीं लग पाया है। परिवार और सेना तलाश में जुटी है। अब परिवार ने आतंकियों से अपील की है कि जवान को छोड़ दें। अगर मार दिया है तो उसका शव लौटा दें। ताकि वे उसे आखिरी बार देख सकें और दफन कर सकें। 

रिझीपोरा का आतंकियों ने 2 अगस्त को अपहरण कर लिया था

सैन्य जवान शाकिर मंजूर निवासी गांव रिझीपोरा का आतंकियों ने 2 अगस्त को अपहरण कर लिया था। कुलगाम गांव में उनकी कार जली मिली थी। 5 अगस्त को कपड़े शोपियां के लंढौरा इलाके में मिले थे। जवान के पारिवारिक सदस्यों ने कहा कि 2 अगस्त से उन्होंने घटनास्थल के आसपास के लगभग 60 किलोमीटर के इलाके को खंगाल दिया है लेकिन कोई सुराग नहीं लगा है।

याद रहे जवान के अपहरण के कुछ दिनों बाद एक ऑडियो संदेश भी वायरल हुआ था। इसमें खुद को आतंकी बताने वाले ने दावा किया था कि उन्होंने जवान को मारकर अज्ञात स्थान पर दफना दिया है। इसी तरह दक्षिण कश्मीर में रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए सैन्यकर्मी के भाई यासिर अहमद वानी की मां ने बेटे से लौट आने की मार्मिक अपील की है।

 21 वर्षीय यासिर अहमद वानी आठ सितंबर को लापता हो गया था

जिला अनंतनाग के डुरु का रहने वाला 21 वर्षीय यासिर अहमद वानी आठ सितंबर को लापता हो गया था। उसका एक भाई सेना में कार्यरत है। रविवार को आतंकवादी तंजीम द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने एक आडियो संदेश में दावा किया कि वानी आतंकी बन गया है। इसके बाद मां ने रविवार को बेटे से अपील की कि वह उनकी उम्र का व ममता का लिहाज करते हुए लौट आए।

अब्दुल रहमान के तीन बेटे और एक बेटी है। एक बेटा फौज में है। यासिर छोटा है। परिजनों ने उसके लापता होने के बाद उसे हर जगह तलाशा। पता न लगने के बाद सोशल मीडिया पर भी उसके लौट आने की अपील की। डुरु पुलिस स्टेशन में यासिर के लापता होने की शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस भी उसे तलाश रही है।

टॅग्स :जम्मू कश्मीरभारतीय सेनापाकिस्तानआतंकवादी
Open in App

संबंधित खबरें

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया

विश्वकर्ज़ में डूबे पाकिस्तान के लिए भारी मुसीबत, यूएई ने इसी महीने 3.5 अरब डॉलर का लोन चुकाने को कहा

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

ज़रा हटकेपाकिस्तान की 80% आबादी समलैंगिक और 20% उभयलिंगी?, ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता हिना बलोच का बयान, वायरल वीडियो

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतबिहार में CM नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग को लेकर महिलाओं ने शुरू किया सत्याग्रह