Jammu and Kashmir: खामेनेई की मौत पर कश्मीर उबाल पर, आज हुए प्रदर्शन कल रहेगी हड़ताल
By रुस्तम राणा | Updated: March 1, 2026 17:16 IST2026-03-01T17:16:12+5:302026-03-01T17:16:12+5:30
यह खबर सुबह फैलते ही श्रीनगर के लाल चौक में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इसराइल के खिलाफ नारे लगाए और मर्सिया पढ़ा।

Jammu and Kashmir: खामेनेई की मौत पर कश्मीर उबाल पर, आज हुए प्रदर्शन कल रहेगी हड़ताल
जम्मू: इरानी नेता खामेनेई की मौत के बाद कश्मीर उबाल पर है। पूरे प्रदेश में प्रदर्शनों के उपरांत अब कल हड़ताल का आह्वान किया गया है। लद्दाख में भी कमोबेश यही स्थिति है। कश्मीर में रविवार को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और शोक सभाएं हुईं। हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और खामेनेई की मौत पर मातम मनाया गया। यह खबर सुबह फैलते ही श्रीनगर के लाल चौक में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इसराइल के खिलाफ नारे लगाए और मर्सिया पढ़ा।
बताया जाता है कि यह प्रदर्शन कश्मीर में जम्मू कश्मीर की विशेष दर्जा खत्म होने के बाद सबसे बड़े विरोध प्रदर्शनों में से एक हैं। पुलिस ने टकराव से बचने के लिए पीछे हटकर स्थिति को संभाला और अभी तक कोई हिंसा की खबर नहीं है, लेकिन पुलिस सतर्क है कि प्रदर्शन न फैले। श्रीनगर के लाल चौक, पुरानी दिल्ली और घंटा घर इलाकों में हजारों लोग जमा हुए। यहां शिया बहुल इलाकों में ज्यादा भीड़ थी।
प्रदर्शनकारियों ने खामेनेई की तस्वीरें, ईरानी झंडे और पोस्टर लिए हुए थे। वे अमेरिका-मुर्दाबाद, इसराइल-मुर्दाबाद जैसे नारे लगा रहे थे। बडगाम जिले के कई इलाकों में भी प्रदर्शन हुए। उत्तरी कश्मीर के बारामुल्ला जिले के हैगाम में लोगों ने श्रीनगर-बारामुल्ला हाईवे ब्लाक कर दिया। दक्षिण और उत्तरी कश्मीर के कई अन्य इलाकों से भी ऐसी खबरें आईं। शिया और सुन्नी दोनों समुदायों ने इसमें हिस्सा लिया, जो दुर्लभ है। आयतुल्लाह खामेनेई शिया मुसलमानों के लिए दुनिया भर में आध्यात्मिक नेता थे।
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्थिति पर चिंता जताई और शांति की अपील की। उनके आफिस ने एक्स पर पोस्ट किया कि मुख्यमंत्री ने ईरान में हो रही घटनाओं, खासकर सर्वाेच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबरों पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने सभी समुदायों से शांत रहने, शांति बनाए रखने और ऐसी कोई हरकत न करने की अपील की जो तनाव बढ़ा सके। सरकार ने विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर ईरान में फंसे जम्मू कश्मीर के निवासियों, खासकर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भरोसा दिया है।
कश्मीर के प्रमुख धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक ने खामेनेई की मौत को क्रूर हत्या बताया और मुस्लिम दुनिया में हलचल मचने की बात कही। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इसराइल द्वारा आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई की क्रूर हत्या से बहुत दुख और गुस्सा है। जम्मू कश्मीर के लोग इस क्रूरता की निंदा करते हैं। ईरान के खिलाफ जारी आक्रामकता और मिनाब में मासूम लड़कियों छात्राओं की हत्या की भी निंदा करते हैं।
मीरवाइज ने मुस्लिम देशों से एकजुट होने की अपील की और सोमवार को पूर्ण बंद का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह मुस्लिम समुदाय के लिए एकजुट होने का मौका है। हम विरोध और एकजुटता दिखाएं। मुतहिदा मजलिस-ए-उलमा ने कल पूर्ण हड़ताल बुलाई है। लोग इसे शांति से मनाएं।
पीडीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एक्स पर पोस्ट किया कि आज इतिहास का बहुत दुखद और शर्मनाक दिन है, जहां इसराइल और अमेरिका ईरान के प्रिय नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या पर घमंड कर रहे हैं। और भी ज्यादा शर्मनाक है कि कुछ मुस्लिम देशों ने सुविधा और स्वार्थ के लिए विवेक को ताक पर रख दिया। इतिहास गवाह रहेगा कि कौन न्याय के लिए लड़ा और कौन जालिमों का साथ दिया। ईरान के लोगों के साथ दुआएं। अल्लाह उन्हें ताकत दे और अत्याचार के खिलाफ जीत दिलाए।
कश्मीर में यह प्रदर्शन ईरान के साथ भावनात्मक जुड़ाव दिखाते हैं। स्थिति नाजुक है और पुलिस सतर्क है।