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जम्मू-कश्मीर: बटोट में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़, स्थानीय वाहन को निशाना बनाने की फिराक में थे आतंकी

By स्वाति सिंह | Updated: September 28, 2019 11:00 IST

गुरुवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने आतंकवादियों की बड़े स्तर पर घुसपैठ की कोशिशों की रिपोर्ट के बीच जम्मू कश्मीर में महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा बढ़ाने तथा पाकिस्तान से लगती सीमा पर घुसपैठ रोधी ग्रिड को ‘हाई अलर्ट’ पर रखने की जरूरत पर जोर दिया। 

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ठळक मुद्देदो संदिग्धों ने एक कार को रोकने की कोशिश की।सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है।

जम्मू-कश्मीर के बटोट में शनिवार सुबह दो संदिग्धों ने एक कार को रोकने की कोशिश की। हालांकि, ड्राइवर ने गाड़ी ना रोकते हुए सेना क्विक रिस्पॉस टीम (QTR) को सूचित किया। इसके बाद से सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है। यह घटनाक्रम सुबह 7:30 के लगभग घटा। बताया जा रहा है कि जम्मू कश्मीर में आतंकी स्थानीय वाहनों को निशाना बनाने की फिराक में हैं। 

बता दें कि गुरुवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने आतंकवादियों की बड़े स्तर पर घुसपैठ की कोशिशों की रिपोर्ट के बीच जम्मू कश्मीर में महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा बढ़ाने तथा पाकिस्तान से लगती सीमा पर घुसपैठ रोधी ग्रिड को ‘हाई अलर्ट’ पर रखने की जरूरत पर जोर दिया। 

कश्मीर घाटी के एक दिन के दौरे पर पहुंचे डोभाल ने श्रीनगर में सुरक्षाबलों और प्रशासन के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने कश्मीर घाटी में कानून व्यवस्था की स्थिति तथा जरूरी वस्तुओं की आपूर्तियों के बारे में भी जानकारी ली। 

सेना और बीएसएफ के अधिकारियों के साथ बैठक में एनएसए ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवादियों की बड़े स्तर पर घुसपैठ की कोशिशों की रिपोर्ट के मद्देनजर सीमा पर घुसपैठ रोधी ग्रिड को हाई अलर्ट पर रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की खबरें हैं कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी संगठन आतंक के कुछ विध्वंसकारी और सनसनीखेज कृत्यों को अंजाम दे सकते हैं, इनके मद्देनजर महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। 

एनएसए ने जम्मू कश्मीर प्रशासन तथा सुरक्षाबलों की उनके बेहतर काम के लिए तथा पूरे क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि अगस्त महीने की शुरुआत में केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे से संबंधित अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त किये जाने के बाद से कश्मीर घाटी के किसी भी हिस्से से मानवाधिकार उल्लंघन की कोई शिकायत नहीं आई है। डोभाल ने प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों के साथ घाटी में अनेक जगहों का दौरा किया। 

अनुच्छेद 370 पर केंद्र के पांच अगस्त के फैसले के बाद से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का कश्मीर घाटी का यह दूसरा दौरा है। इससे पहले उन्होंने फैसले के बाद 11 दिन तक घाटी में डेरा डाला था।

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