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जम्मू-कश्मीर: बडगाम में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़, इस साल मारे गए 100 से ज्यादा आतंकी

By निखिल वर्मा | Updated: June 11, 2020 07:21 IST

जम्मू-कश्मीर में इस साल भारतीय सेना ने 100 से ज्यादा आतंकियों को ढेर किया है.

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ठळक मुद्देदक्षिण कश्मीर में 100 स्थानीय और 25 विदेशी आतंकियों के होने की संभावना है.पिछले 5 दिनों में दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में 14 आतंकियों की मौत मुठभेड़ में हुई हैईद के बाद आतंकियों की सफाई का काम तेज हुआ है, पिछले दस दिनों में दो दर्जन आतंकी ढेर हुए हैं

जम्मू कश्मीर के बडगाम के पठानपुरा में गुरुवार को सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पठानपुरा में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने सुबह इलाके की घेराबंदी की और तलाश अभियान चलाया। उन्होंने बताया कि आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोलियां चलाईं जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। मुठभेड़ अभी चल रही है और विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है। 

इससे पहेल सुरक्षाबलों ने शोपियां में बुधवार को हुई मुठभेड़ में  5 आतंकियों को मार गिराया। पिछले पांच दिनों के भीतर सुरक्षाबलों ने शोपियां में ही अब तक 14 आतंकियों को मार गिराया है। आईजीपी कश्मीर विजय कुमार ने आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि अभी तक इनकी पहचान नहीं की गई है।

शोपियां जिले में इस सप्ताह ये तीसरी मुठभेड़ हुई है। बीती दो मुठभेड़ों में 9 आतंकी मारे जा चुके हैं। पुलिस के मुताबिक इनमें से तीन कमांडर थे, जो हिजबुल मुजाहिद्दीन संगठन के थे। दूसरी तरफ कश्मीर में आतंकियों के सफाए से पाकिस्तान बौखला गया है।शोपियां जिले में सोमवार को सुरक्षाबलों ने चार आतंकियों को मार गिराया था।

उससे पहले रविवार को सुरक्षाबलों ने हिजबुल कमांडर समेत पांच आतंकियों को ढेर किया था। रविवार को आतंकियों के खिलाफ इस साल के सबसे बड़े आप्रेशन को अंजाम दिया गया, जिसमें एक साथ पांच आतंकी मारे गए थे।

जम्मू-कश्मीर में इस साल सुरक्षा बल 101 आतंकवादियों को ढेर कर चुके हैं और दक्षिण कश्मीर में 125 और आतंकियों को मार गिराने पर केन्द्रित कर रहे हैं, जिनमें 25 विदेशी शामिल हैं। लेफ्टिनेंट जनरल बी एस राजू ने कहा कि फिलहाल यहां सक्रिय आंतकवादियों की सटीक संख्या बताना मुश्किल है। 

सुरक्षा बलों को आतंकवाद-रोधी अभियानों के दौरान शांति बनाए रखने के अपने प्रयासों की भारी कीमत चुकानी पड़ी है। इस दौरान कई अधिकारियों सहित 29 सुरक्षा कर्मी शहीद हो गए। इसके अलावा आतंकवादियों ने 11 निवासियों की गोली मारकर हत्या कर दी। 

जम्मू-कश्मीर में मार्च में आतंकवाद रोधी अभियानों की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी थी, लेकिन अप्रैल में इन्होंने जोर पकड़ लिया। अप्रैल में 29 आतंकवादी मारे गए। मई में 15 और जून के शुरुआती दस दिन में इतने ही आतंकवादियों को ढेर किया गया।

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