Jammu and Kashmir: 26 जनवरी को घटनारहित बनाने की कवायद तेज
By रुस्तम राणा | Updated: January 20, 2026 11:29 IST2026-01-20T11:29:24+5:302026-01-20T11:29:24+5:30
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा 26 जनवरी को जम्मू के एमए स्टेडियम में मुख्य गणतंत्र दिवस समारोह की अध्यक्षता करेंगे और सलामी लेंगे। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे।

Jammu and Kashmir: 26 जनवरी को घटनारहित बनाने की कवायद तेज
जम्मू: गणतंत्र दिवस समारोह से पहले, जम्मू कश्मीर में अधिकारियों ने सुरक्षा उपाय तेज कर दिए हैं, क्षेत्र में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए राजमार्गों और महत्वपूर्ण सड़कों पर अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा 26 जनवरी को जम्मू के एमए स्टेडियम में मुख्य गणतंत्र दिवस समारोह की अध्यक्षता करेंगे और सलामी लेंगे। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि 26 जनवरी के समारोह को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हम पहले से ही अलर्ट पर हैं और घाटी में घटना-मुक्त गणतंत्र दिवस समारोह चाहते हैं। अधिकारी बताते थे कि कार्यक्रम के शांतिपूर्ण संचालन को सुनिश्चित करने के लिए कार्यक्रम स्थल के आसपास कड़े सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि बख्शी स्टेडियम के मुख्य द्वार से लेकर सटीक कार्यक्रम स्थल तक कई चौकियां स्थापित की गई हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) दोनों ने श्रीनगर और घाटी के अन्य हिस्सों में विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर गश्त बढ़ा दी है, वाहनों की जांच तेज कर दी है और तलाशी बढ़ा दी है।
उन्होंने बताया कि जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, जिसे डिजिटल निगरानी और प्रमुख स्थानों पर रणनीतिक रूप से लगाए गए सीसीटीवी कैमरों से सहायता मिल रही है। ये उपाय आवाजाही की पूरी निगरानी सुनिश्चित करते हैं और स्थितिजन्य जागरूकता को बढ़ाते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बक्शी स्टेडियम के बाहर मानव खुफिया और उन्नत तकनीकों जैसे कि हाई-एंड ड्रोन और सीसीटीवी से लैस वाहनों को शामिल करते हुए तीन-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली लागू की है। अधिकाारियों ने बताया कि आगंतुकों के प्रबंधन के लिए अस्थायी बंकर बनाए गए हैं, जबकि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) को अपने-अपने क्षेत्रों में कड़ी सतर्कता बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने बताया कि जिला स्तरीय सुरक्षा समीक्षा, रोड ओपनिंग पार्टी (आरओपी) और राजमार्गों और सीमावर्ती गांवों में गहन गश्त समग्र सुरक्षा योजना का अभिन्न अंग हैं।