Jammu Kashmir: दो दिन बाद भारी बर्फबारी की उम्मीद के बीच बुरी खबर, प्रदेश में अभी तक 96 परसेंट सूखा
By सुरेश एस डुग्गर | Updated: January 19, 2026 14:54 IST2026-01-19T14:54:56+5:302026-01-19T14:54:56+5:30
मौसम विभाग ने बताया है कि 22 और 23 जनवरी को कश्मीर के मैदानी इलाकों में भारी से बहुत भारी बर्फबारी संभव है। विभाग का कहना था कि फिलहाल, 22 जनवरी की रात से कश्मीर के अधिकांश मैदानी इलाकों में मौसम की पहली बर्फबारी संभव है।

Jammu Kashmir: दो दिन बाद भारी बर्फबारी की उम्मीद के बीच बुरी खबर, प्रदेश में अभी तक 96 परसेंट सूखा
जम्मू: हालांकि प्रदेश में दो दिन बाद भारी बर्फबारी की संभावना व्यक्त की जा रही है पर इस बीच बुरी खबर यह है कि प्रदेश में इस माह 96 परसेंट बारिश की कमी दर्ज की गई है। हालात यह है कि भारी बर्फबारी और बारिश की अनुपस्थिति में पीने के पानी की किल्लत का सामना पूरे प्रदेश को आने वाले दिनों में करना पड़ सकता है।
मौसम विभाग ने बताया है कि 22 और 23 जनवरी को कश्मीर के मैदानी इलाकों में भारी से बहुत भारी बर्फबारी संभव है। विभाग का कहना था कि फिलहाल, 22 जनवरी की रात से कश्मीर के अधिकांश मैदानी इलाकों में मौसम की पहली बर्फबारी संभव है। 23 जनवरी को उत्तरी और मध्य कश्मीर में मध्यम से भारी बर्फबारी होने की संभावना है और 22-24 जनवरी की सुबह के बीच दक्षिण कश्मीर के मध्य और मैदानी इलाकों में भारी से बहुत भारी बर्फबारी संभव है।
वैसे दक्षिण कश्मीर के मैदानी इलाकों में 8 इंच से 2 फीट तक बर्फबारी हुई है। मध्य और उत्तरी कश्मीर के मैदानी इलाकों में भी अच्छी बर्फबारी की संभावना व्यवक्त की जा रही है। बताया जा रहा है जहां जमाव 6 इंच से 1 फीट तक पहुंच जाएगा। विभग का कहना था कि यह स्थिति आज के विश्लेषण पर आधारित है, आने वाले दिनों में संचय अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न हो सकता है लेकिन बड़ी बर्फबारी की उम्मीद है।
इस बीच बुरी खबर यह हे कि जम्मू कश्मीर में इस महीने अब तक 96 प्रतिशत बारिश की भारी कमी दर्ज की गई है, क्योंकि पूरे क्षेत्र में लंबे समय से शुष्क मौसम जारी है। कमी ने सिकुड़ते जल निकायों और उभरते पेयजल संकट पर चिंता बढ़ा दी है, जबकि किसानों और बागवानों को गर्मियों में सूखे की आशंका है जो कृषि, बागवानी और खाद्य सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, जम्मू कश्मीर और लद्दाख में इस महीने अब तक केवल 1.4 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जबकि सामान्य 33 मिलीमीटर वर्षा होती है, जिससे यह क्षेत्र बहुत कम वर्षा की श्रेणी में आ गया है।
शून्य से 60 प्रतिशत से शून्य से 99 प्रतिशत कम वर्षा को भारी कमी के रूप में वर्गीकृत किया गया है, और कश्मीर और जम्मू दोनों संभागों के साथ-साथ लद्दाख भी इस श्रेणी में आते हैं। कश्मीर संभाग में, बडगाम, शोपियां और श्रीनगर में इस अवधि के दौरान शून्य वर्षा दर्ज की गई।
पुलवामा में 0.2 मिमी, बांडीपोरा और कुलगाम में 0.3 मिमी, कुपवाड़ा में 0.8 मिमी, गंदरबल में 1.3 मिमी, अनंतनाग में 1.4 मिमी और बारामुल्ला में 2.4 मिमी बारिश हुई। जम्मू संभाग में डोडा, रामबन, सांबा और उधमपुर में शून्य बारिश दर्ज की गई।
इसी तरह से किश्तवाड़ में 0.5 मिमी, कठुआ में 1.1 मिमी, रियासी में 1.5 मिमी, जम्मू में 1.9 मिमी, राजौरी में 7.7 मिमी और पुंछ में 8.3 मिमी बारिश हुई। लद्दाख में, लेह में 0.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि कारगिल में 0.8 मिमी बारिश हुई।
आईएमडी के आंकड़ों से पता चलता है कि सभी जिलों में सामान्य से शून्य से 50 प्रतिशत से लेकर शून्य से 100 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। जनवरी में यह कमी दिसंबर में भारी वर्षा की कमी के बाद हुई, जब वर्षा सामान्य से 77.5 प्रतिशत कम रही, जिससे मौसमी जल तनाव बढ़ गया है।