लाइव न्यूज़ :

जम्मू कश्मीरः घुसपैठ रोकने के लिए आर्मी ने LoC पर बढ़ाई जवानों की तैनाती, आज से मोबाइल सेवा बहाल होने से बढ़ेगी चुनौतियां

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: October 14, 2019 09:09 IST

लेफ्टिनेंट जनरल रनबीर सिंह ने कहा कि सरकार के आर्टिकल 370 खत्म करने और जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के फैसले से आतंकियों में गुस्सा है। पाकिस्तान पूरी कोशिश कर रहा है कि कश्मीर घाटी में अस्थिरता लाई जाए।

Open in App
ठळक मुद्देपांच अगस्त को आर्टिकल 370 निष्क्रिय किए जाने के बाद घुसपैठ की घटनाओं में बड़ा इजाफा हुआ है।आर्टिकल 370 खत्म करने और जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के फैसले से आतंकियों में गुस्सा है।

भारतीय सेना ने पिछले दो महीनों में एलओसी पर अपने सैन्य दल में काफी बढ़ोतरी की है। यह कदम पाकिस्तान समर्थित आतंकियों की घुसपैठ को रोकने के लिए उठाया गया है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में एक आर्मी कमांडर के हवाले से ये बात लिखी गई है। पांच अगस्त को आर्टिकल 370 निष्क्रिय किए जाने के बाद घुसपैठ की घटनाओं में बड़ा इजाफा हुआ है।

रिपोर्ट के मुताबिक लेफ्टिनेंट जनरल रनबीर सिंह ने कहा कि सरकार के आर्टिकल 370 खत्म करने और जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के फैसले से आतंकियों में गुस्सा है। पाकिस्तान पूरी कोशिश कर रहा है कि कश्मीर घाटी में अस्थिरता लाई जाए। पांच अगस्त के बाद कमोबेश रोजाना पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी की गई और घुसपैठ कराने की कोशिश की गई।  

जनरल सिंह ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि हमने घुसपैठ से निपटने के लिए दूसरे मोर्चों से सैन्य दलों को बुलाया है। एलओसी पर ऐसा कोई इलाका नहीं है जहां जवान तैनात ना हों। उन्होंने कहा कि हमने सभी बड़ी घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम कर दिया है।

कश्मीर घाटी में लगातार 69 दिन से लगी पाबंदियों में बड़ी ढील देते हुए जम्मू्-कश्मीर प्रशासन ने घोषणा की कि करीब 40 लाख पोस्टपेड मोबाइल फोन सेवाएं सोमवार दोपहर से बहाल हो जाएंगी। इससे भी सीमा सुरक्षा के लिए कुछ चुनौतियां पेश हो सकती हैं। हालांकि राज्य सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर में हालात की समीक्षा करने के बाद प्रदेश के सभी बाकी इलाकों में मोबाइल फोन सेवाएं बहाल करने का फैसला लिया गया।’’

केन्द्र सरकार द्वारा पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान समाप्त करने और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख में विभाजित करने के बाद से ही घाटी में पाबंदियां जारी हैं। दो नए केंद्र शासित प्रदेश 31 अक्टूबर से सृजित हो जाएंगे।

टॅग्स :जम्मू कश्मीरभारतीय सेना
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारलेह हवाई अड्डाः उड़ान की संख्या 8 से बढ़कर 18 किया?, रिकार्ड संख्या में पर्यटकों के आने के इंतजार में लद्दाख

कारोबारपल-पल बदलते रंग?, मौसम की मार और किसान परेशान?, आखिर क्या करें?

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारतगंदरबल एनकाउंटर: 7 दिन में रिपोर्ट पेश करो?, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा

भारत अधिक खबरें

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं