इसरो की प्रौद्योगिकी हस्तांतरण नीति पर नए सिरे से ध्यान दिया जाएगा

By भाषा | Updated: December 16, 2020 16:12 IST2020-12-16T16:12:54+5:302020-12-16T16:12:54+5:30

ISRO's technology transfer policy will get renewed attention | इसरो की प्रौद्योगिकी हस्तांतरण नीति पर नए सिरे से ध्यान दिया जाएगा

इसरो की प्रौद्योगिकी हस्तांतरण नीति पर नए सिरे से ध्यान दिया जाएगा

बेंगलुरु, 16 दिसंबर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपने यहां विकसित प्रौद्योगिकी का व्यावसायीकरण करने के लिए उसका हस्तांतरण उद्योगों को करने की अपनी नीति पर नया जोर देने का फैसला किया है।

अंतरिक्ष एजेंसी संशोधित तकनीकी हस्तांतरण नीति दिशा-निर्देश-2020 लेकर आई है।

अंतरिक्ष विभाग के सचिव एवं इसरो के अध्यक्ष के सिवन ने इसरो की वेबसाइट पर दिशा-निर्देशों के बारे में ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हमने इसे सार्वजनिक किया है और सार्वजनिक टिप्पणियां मिलने के बाद इसे मंजूरी दी जाएगी।’’

अधिकारियों के अनुसार प्रौद्योगिकी हस्तांतरण कार्यक्रम की सफलता के लिए महत्वपूर्ण कदमों में से एक तकनीक की पहचान है जिसमें व्यावसायीकरण की क्षमता हो और अधिकारियों के अनुसार इस प्रक्रिया में डॉस/इसरो केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रौद्योगिकी हस्तांतरण गतिविधियों का आयोजन यहां इसरो मुख्यालय से संचालित क्षमता निर्माण कार्यक्रम कार्यालय (सीबीपीओ) के तहत एक केंद्रीकृत तकनीक हस्तांतरण समूह (टीटीजी) कार्यालय के माध्यम से किया जाएगा।

ऐसा केंद्रीकृत कार्यालय तकनीक हस्तांतरण से संबंधित सभी दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों के लिए केंद्र स्तर की टीटीसी के माध्यम से सभी डॉस/इसरो केंद्रों के साथ समन्वय स्थापित करेगा।

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Web Title: ISRO's technology transfer policy will get renewed attention

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