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मराठी साहित्य सम्मेलन में पत्रकार गिरीश कुबेर पर स्याही फेंकी गई, नेताओं ने की निंदा

By भाषा | Updated: December 5, 2021 22:18 IST

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नासिक/मुंबई, पांच दिसंबर महाराष्ट्र में आयोजित 94वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन में रविवार को एक संगठन के संदिग्ध कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ पत्रकार व लेखक गिरीश कुबेर पर स्याही फेंक दी।

इस घटना की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस ने निंदा की।

सूत्रों ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि इसके पीछे संभाजी ब्रिगेड के कार्यकर्ता थे, क्योंकि वे कुबेर की पुस्तक में छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र छत्रपति संभाजी महाराज के बारे में दिए गए कुछ संदर्भों से नाराज थे।

कुबेर आज यहां कुसुमाग्रज नगरी पहुंचे, जहां 94 वें अखिल भारतीय मराठी साहित्यिक सम्मेलन का आज समापन दिन था। उनका एक संगोष्ठी में भाग लेने का कार्यक्रम था। जब वह मुख्य पंडाल के मंच के पीछे खड़े थे तो दो-तीन अज्ञात व्यक्ति उनके पास आए और स्याही फेंक दी, जो उनके चेहरे, बालों और कमीज पर गिरी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर भी कुछ स्याही गिरी। इस घटना के बाद इलाके में पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

शरद पवार और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पार्टी लाइन से ऊपर उठकर इस घटना की निंदा की।

इससे पहले दिन में नासिक में साहित्य सम्मेलन में शिरकत करने वाले पवार ने कहा कि एक लेखक पर उसके काम के विरोध में हमला किया जाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के सिद्धांत पर हमले के समान है।

उन्होंने कहा, ''मैं इस घटना की निंदा करता हूं, जो महाराष्ट्र की छवि के अनुकूल नहीं है।''

राकांपा प्रमुख ने कहा कि उन्होंने कुबेर की किताब पढ़ी है।

उन्होंने कहा, ''हालांकि इस किताब के कुछ हिस्सों को लेकर विवाद है, लेकिन कुबेर को भी अपनी बात रखने का अधिकार है। जो लोग उनके विचारों से असहमत हैं, उन्हें भी उनका विरोध करने का अधिकार है, लेकिन इस तरह का हमला स्वीकार्य नहीं है।''

महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष फडणवीस ने कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज के खिलाफ लिखी गई किसी भी बात की निंदा की जानी चाहिए, लेकिन एक साहित्य सम्मलेन के दौरान स्याही फेंकना ठीक नहीं है।

उन्होंने कहा, ''अगर तथ्यात्मक रूप से कुछ गलत है, तो तथ्यों और सबूतों के साथ उसका जवाब देना चाहिये।''

संभाजी ब्रिगेड ने छत्रपति संभाजी के कथित आपत्तिजनक संदर्भों के लिए कुबेर की पुस्तक ''रेनसांस स्टेट: द अनराइटेड स्टोरी ऑफ द मेकिंग ऑफ महाराष्ट्र'' की आलोचना की है।

मुंबई प्रेस क्लब ने भी घटना की निंदा की है।

क्लब ने एक बयान में कहा, ''हमारा मानना ​​है कि शारीरिक टकराव विचारों की किसी भी सभ्य लड़ाई का हिस्सा नहीं होना चाहिए।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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