यात्रा नहीं करने वाले भी ‘ओमीक्रोन’ से संक्रमित, इसका मतलब कि सामुदायिक स्तर पर फैल रहा है: जैन
By भाषा | Updated: December 30, 2021 12:57 IST2021-12-30T12:57:05+5:302021-12-30T12:57:05+5:30

यात्रा नहीं करने वाले भी ‘ओमीक्रोन’ से संक्रमित, इसका मतलब कि सामुदायिक स्तर पर फैल रहा है: जैन
नयी दिल्ली, 30 दिसंबर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोरोना वायरस के नए स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ के मामले धीरे-धीरे सामुदायिक स्तर पर फैल रहे हैं और राष्ट्रीय राजधानी में जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजे गए नमूनों में से 46 प्रतिशत में ‘ओमीक्रोन’ की पुष्टि हुई है।
उन्होंने कहा कि ‘ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान’ (जीआरएपी) के तहत कुछ पाबंदियां लगाई गई हैं और अतिरिक्त पाबंदियां लगाने के संबंध में निर्णय दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) करेगा।
जैन ने कहा, ‘‘ दिल्ली के अस्पतालों में कोविड-19 के 200 मरीज भर्ती हैं। जीनोम अनुक्रमण की हालिया रिपोर्ट में 46 प्रतिशत नमूनों में ‘ओमीक्रोन’ की पुष्टि हुई है। इनमें वे लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने हाल ही में यात्रा नहीं की थी। इसका मतलब है कि अब ‘ओमीक्रोन’ स्वरूप दिल्ली के अंदर आ चुका है।’’
मंत्री ने कहा, ‘‘इसका मतलब है कि यह धीरे-धीरे सामुदायिक स्तर पर फैल रहा है।’’
उन्होंने कहा कि दिल्ली के अस्पतालों में कोविड-19 के 200 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से केवल 102 ही शहर के निवासी हैं। वहीं, इनमें से 115 में संक्रमण का कोई लक्षण नहीं हैं और उन्हें एहतियाती तौर पर अस्पताल में रखा गया है।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने बुधवार को कहा था कि कई अंतरराष्ट्रीय यात्री जिनके हवाई अड्डे पर संक्रमित ना होने की पुष्टि हुई थी, वे भी कुछ दिन बाद संक्रमित पाए जा रहे हैं। इस अवधि के दौरान उनके परिवार के सदस्य भी संक्रमित हो रहे हैं।
दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने बुधवार को फैसला किया था कि दिल्ली में ‘येलो अलर्ट’ के तहत कोविड-19 से संबंधित लगाए गए प्रतिबंध फिलहाल जारी रहेंगे और नयी पाबंदियों पर निर्णय लेने से पहले अधिकारी कुछ समय के लिए स्थिति की निगरानी करेंगे।
कोरोना वायरस के नए स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ के प्रसार के साथ ही संक्रमण के मामलों में वृद्धि के बीच डीडीएमए ने मंगलवार को दिल्ली में ‘ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान’ (जीआरएपी) के तहत ‘येलो अलर्ट’ घोषित किया था।
‘येलो’ अलर्ट के तहत रात्रि कर्फ्यू लगाना, स्कूलों तथा कॉलेजों को बंद करना, गैर आवश्यक सामान की दुकानों को सम-विषम आधार पर खोलना तथा मेट्रो ट्रेन और सार्वजनिक परिवहन की बसों में यात्रियों के बैठने की क्षमता आधी करने जैसे उपाय आते हैं।
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