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यूएई में भारतीय को सुनाई गई मौत की सजा, कारोबारी ने एक करोड़ रुपये देकर रिहा कराया

By भाषा | Updated: June 9, 2021 18:49 IST

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कोच्चि, नौ जून यूएई में हत्या मामले में मौत की सजा से मुक्त होने के बाद बुधवार को यहां पहुंचे 45 वर्षीय भारतीय ने कहा कि उसकी रिहाई उसके लिये ''दूसरा जीवन'' लेकर आई है।

बेक्स कृष्णनन नामक इस व्यक्ति को साल 2012 में यूएई में सड़क दुर्घटना में सूडान के एक युवक की हत्या के लिये मौत की सजा सुनाई गई थी। हालांकि प्रतिष्ठित एनआरआई कारोबारी व परोपकारी एम ए यूसुफ अली ने कृष्णन की मदद करते हुए लगभग एक करोड़ रुपये का हर्जाना भरा, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।

त्रिशूर के निवासी कृष्णन को बुधवार तड़के अबूधाबी से यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लाया गया। उनकी पत्नी वीना तथा बेटा अद्वैथ, रिश्तेदार व दोस्त उन्हें लेने हवाई अड्डे पर पहुंचे।

कृष्णन ने मीडिया से कहा, ''जब मुझे पता चला कि यूसुफ अली ने इस मामले में हस्तक्षेप किया है तो मुझे राहत मिली। यह मेरा दूसरा जीवन है। मैं यूसुफ अली का आभारी हूं। वह कई महीने से पीड़ित के परिवार से बात कर रहे थे।''

इस बीच, अली ने एक बयान में कहा कि सूडानी लड़के के परिवार को कृष्णन को माफी देने के लिये मनाने के बाद उन्होंने जनवरी में अबूधाबी की एक अदालत में पांच लाख दिरहम जमा किये थे।

बयान में कहा गया है, ''हमें माता-पिता दोनों को मनाना था और इसमें कई महीने लग गए। शुरुआत में यह मुश्किल था क्योंकि लड़के की मां चाहती थी कि कानून अपना काम करे। कृष्णन को माफी देने के लिये उन्हें मनाना मुश्किल था।''

सितंबर 2012 में कृष्णन ने अपनी कार से बच्चों के समूह को टक्कर मार दी थी, जिसमें सूडान के एक युवक की मौत हो गई थी। इस मामले में दोषी पाए जाने के बाद यूएई के उच्चतम न्यायालय ने कृष्णन को मौत की सजा सुनाई थी। तब से कृष्णन का परिवार और उनके दोस्त उन्हें रिहा कराने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल पा रही थी। इसकी एक खास वजह यह भी थी कि मृतक का परिवार सूडान चला गया था, जिसके चलते माफी पर किसी भी तरह की बातचीत पर विराम लग गया था।

कृष्णन का परिवार लूलू ग्रुप के चेयरमैन यूसुफ अली के पास गया, जिन्होंने मामले की जानकारी हासिल की और सभी पक्षकारों को संपर्क में रहने को कहा।

अंतत: जनवरी 2021 में सूडान में पीड़ित के परिवार ने कृष्णन को माफी दे दी। इसके बाद यूसुफ अली ने कृष्णन की रिहाई के लिये मुआवजे के तौर पर अदालत में पांच लाख दिरहम (लगभग एक करोड़ रुपये) जमा कराए।

अबूधाबी में स्थित लूलू ग्रुप लूलू हाइपरमार्केट और शॉपिंग मॉल पर स्वामित्व रखता है। यह समूह मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका (एमईएनए) क्षेत्र के शीर्ष रिटेलरों में शुमार है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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