लाइव न्यूज़ :

हिंद महासागर क्षेत्र खतरों व अनिश्चितताओं में वृद्धि का सामना करेगा : विदेश सचिव श्रृंगला

By भाषा | Updated: November 8, 2021 16:59 IST

Open in App

पणजी, आठ नवंबर विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने सोमवार को कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) खतरों व अनिश्चितताओं में अब तक की सर्वाधिक वृद्धि का सामना करेगा।

‘समुद्री सुरक्षा एवं उभरते गैर परंपरागत खतरों: हिंद महासागर क्षेत्र की अतिसक्रिय भूमिका का मामला’ विषय पर गोवा समुद्री सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने भू-राजनीतिक अस्थिरता से उभरती चुनैतियों पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति प्रतिबद्धता का अभाव रहने से क्षेत्र में सैन्यकरण बढ़ा है।

श्रृंगला ने कहा, ‘‘सैन्यकरण ने सदा ही जटिलताओं को बढ़ाया है। हिंद महासागर क्षेत्र में तेजी से घटनाक्रम हो रहे हैं और खतरों व अनिश्चितताओं में अब तक की सर्वाधिक वृद्धि के साथ वहां सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही हैं। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘इससे हम सभी के लिए यह जरूरी है कि क्षेत्र की तट रक्षक व समुद्री सुरक्षा एजेंसियां एकजुट होकर और अधिक मजबूती से इन चुनौतियों का सामना करे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत इन समस्याओं से निपटने में अपने हिस्से की भूमिका निभाने को तैयार है।’’

सम्मेलन का आयोजन नेवल वार कॉलेज ने किया है।

विदेश सचिव ने कहा, ‘‘विदेश नीति या कूटनीति के संदर्भ में सुरक्षा परंपरागत रूप से बाहरी सुरक्षा खतरों का मुकाबला करने से जुड़ी रही है। ऐतिहासिक रूप से सुरक्षा बढ़ाने के लिए कूटनीतिक कोशिशें सुरक्षा सहयोगियों के साथ बातचीत करने की रही है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम व्यापक परिदृश्य वाले मानव सुरक्षा की विस्तारित अवधारणा के आधार पर संचालित हो रहे हैं।’’

श्रृंगला ने कहा, ‘‘ हम अब नये तरह के उपाय व व्यवस्था करने जा रहे हैं जो सुरक्षा की इस समझ को प्रदर्शित करेगा। वे सैन्य गठजोड़ की परंपरागत अवधारणा पर कम और रोकथाम पर, सूचना साझा करने एवं सीमाओं पर अंतर-संचालन को बढ़ावा देने पर सहयोगी रुख रखने पर अधिक आधारित हैं। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘इनमें से हमारे द्वारा की जा रही कई सहयोगी गतिविधियां निगरानी व कानून प्रवर्तन के क्षेत्र में है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि ये उपाय नये व तेजी से उभरते खतरों के प्रति कहीं अधिक उपयुक्त हैं। ’’

उन्होंने आईओआर देशों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘हम एक विशेष समकालीक भू राजनीतिक व भू आर्थिक वास्तविकता रखते हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टDelhi Crime: अमन विहार में 8 साल की बच्ची से दरिंदगी, पुलिस ने आरोपी को दबोचा

विश्वIran-US War: ईरान के सुप्रीम लीडर की हालत नाजुक? मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर चौंकाने वाला दावा

स्वास्थ्यJammu-Kashmir: जम्‍मू कश्‍मीर में कैंसर का बढ़ता बोझ, 2018 से कश्मीर में 50,000 से ज्‍यादा मामले सामने आए

विश्वईरान ने युद्धविराम से किया इनकार, समाधान के लिए रखा 10-सूत्रीय फॉर्मूला? जानें

भारत3 दिन के भारत दौरे पर बांग्लादेशी विदेश मंत्री, क्या सुलझेंगे पुराने मुद्दे? जानें क्या मुद्दे शामिल

भारत अधिक खबरें

भारतWest Bengal: विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख नाम हटाए गए

भारतAssam Opinion Poll 2026: बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए और भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में बना रहेगा, Matrize का अनुमान

भारतयूपी में सरकारी वकीलों की फीस 50% तक बढ़ाएगी सरकार, सरकारी खजाने पर बढ़ेगा 120 करोड़ रुपए का बोझ

भारत'मेरे पति 40 साल के हैं, मैं 19 की': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने का अधिकार जीता

भारत'IIT बाबा' अभय सिंह ने कर्नाटक की इंजीनियर से शादी की, पत्नी के साथ हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे