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तिब्बत के ऊपर से निकला भारत का इंटेलिजेंस सैटेलाइट EMISAT, हासिल की चीनी सैनिकों के पोजिशन्स की जानकारी

By स्वाति सिंह | Updated: July 26, 2020 20:07 IST

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने इस सैटेलाइट का निर्माण किया है, जिसमें लगा कॉटिल्य दुश्मन के इलाकों में जारी गतिविधियों, इलाके की स्थिति को रेडियो सिंग्नलों के जरिए मॉनिटर करने में सक्षम है।

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ठळक मुद्देभारत का एक सैटलाइट हाल ही में चीन के कब्जे वाले तिब्बत के ऊपर से गुजरा है।इमिसैट सैटेलाइट में कौटिल्य शामिल है, जो कि ELINT (इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस) पैकेज है।

नई दिल्ली: पूर्वी-लद्दाख सीमा पर बीते कई दिनों से लगातार गतिरोध जारी है। इसी बीच भारत का एक सैटलाइट हाल ही में चीन के कब्जे वाले तिब्बत के ऊपर से गुजरा है। इस सैटलाइट ने अच्छी खासी जानकारी जुटाई है। इसी के बाद से चीन में हड़कंप मच गया है। यह सैटलाइट भारत की डिफेंस रिसर्च डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) द्वारा संचालित खुफिया जानकारी जुटाने वाली सैटेलाइट EMISAT है।

समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत की इंटेलिजेंस सैटेलाइट एमिसैट (EMISAT) ने चीन के कब्जे वाले तिब्बत के इलाकों में चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) की गतिविधियों की पड़ताल की है। मालूम हो कि इमिसैट सैटेलाइट में कौटिल्य शामिल है, जो कि ELINT (इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस) पैकेज है।

इसकी कई क्षमताओं में से एक यह है कि ये सैटेलाइट गुपचुप तरीके से बिना दुश्मन की समझ में आए सैन्य जरूरतों के लिए जानकारी जुटा सकता है। एक आधिकारिक सूत्र के मुताबिक इस सैटेलाइट ने शनिवार को अरुणाचल प्रदेश के पास तिब्बत के इलाकों में पीएलए की पोजिशन पर नजर डाली है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने इस सैटेलाइट का निर्माण किया है, जिसमें लगा कॉटिल्य दुश्मन के इलाकों में जारी गतिविधियों, इलाके की स्थिति को रेडियो सिंग्नलों के जरिए मॉनिटर करने में सक्षम है।

बताया जा रहा है कि, चीन ने डेप्सांग सेक्टर में भी अपने सैनिक जुटाए हैं। चीनी सैनिकों को एलएसी के पास गड्डा खोदते देखा जा सकता है। इससे पहले पीएलए ने 2013 में भी डेप्सांग में घुसपैठ की थी। शुक्रवार को सूत्रों ने बताया कि भारत के रेडार सैटलाइट RISAT-2BR1 चीन के पीप्लस लिबरेशन आर्मी नेवी (पीएलएएन) के जिबूती बेस (अफ्रीका) के ऊपर से गुजरा था। जिबूती नेवी बेस चीन का इकलौता ऐसा बेस है, जो देश के बाहर है। हाल ही में ऐसी खबरें भी आई थीं कि चीन ने जिबूती के पास अपने तीन युद्धपोत तैनात किए हैं।

पाकिस्तान के ऊपर भी नजर रखता है सैटलाइट

इससे पहले भी भारत के सैटलाइट EMISAT के ELINT ने पाकिस्तान नेवी के ओर्मारा बेस (जिन्ना नवल बेस) के ऊपर चक्कर लगाया था। इस बेस के बारे में कहा जाता है कि यहां चीन के सहयोग से पाकिस्तान ने सबमरीन जुटा रखी हैं। हालांकि, भारत और चीन के बीच वार्ता जारी है लेकिन ऐसी आशंका जताई जा रही है कि पाकिस्तान और चीन मिलकर आगामी सर्दियों तक भारत के खिलाफ कश्मीर और लद्दाख में दोहरी लड़ाई की तैयारी कर रहे हैं। 

टॅग्स :चीनइंडियाडीआरडीओ
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