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भारत ने मुंबई आतंकी हमले में शामिल आतंकियों की पाकिस्तानी सूची खारिज की

By भाषा | Updated: November 12, 2020 22:12 IST

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नयी दिल्ली, 12 नवंबर भारत ने मुंबई आतंकी हमले में शामिल आतंकवादियों के बारे में पाकिस्तान की ताजा सूची को बृहस्पतिवार को खारिज कर दिया और कहा कि जघन्य आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं को स्पष्ट रूप से शामिल नहीं किया गया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भारत ने बार-बार पाकिस्तान से कहा है कि मुंबई आतंकवादी हमलों की सुनवाई में अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का निर्वहन करने में वह अपनी "उलझाऊ और देर करने की रणनीति" को छोड़ दे।

उन्होंने कहा, "हमने पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के बारे में पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्टों को देखा है जिसमें 26-11 के मुंबई आतंकवादी हमलों में शामिल कई पाकिस्तानी नागरिकों की सूची में वांछित व चर्चित आतंकवादियों की एक अद्यतन सूची जारी की गयी है।’’

श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘सूची में लश्कर-ए-तैयबा के कुछ चुनिंदा सदस्य शामिल हैं, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान में स्थित आतंकवादी इकाई घोषित किया है, इसमें 26-11 हमले को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल की गयी नौकाओं के चालक दल के सदस्य भी शामिल हैं। लेकिन इसमें जघन्य आतंकी हमले में शामिल प्रमुख षड्यंत्रकारियों को छोड़ दिया गया है।’’

खबरों के मुताबिक कुल 19 आतंकवादियों के नाम लिए गए हैं जो हमले में शामिल थे।

श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘यह वास्तविकता है कि पाकिस्तान की भूमि से 26-11 के आतंकवादी हमले की योजना बनाई गई थी, उसे अंजाम दिया गया था... इस सूची से यह साफ होता है कि पाकिस्तान को मुंबई आतंकवादी हमले के पाकिस्तान स्थित साजिशकर्ताओं और उनके सहयोगियों के बारे में आवश्यक जानकारी और सबूत है।”

उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर 2008 को हुए मुंबई आतंकी हमले में 28 विदेशियों सहित कुल 166 लोग मारे गए थे।

उन्होंने कहा, "भारत की सरकार ने बार बार पाकिस्तान की सरकार से आह्वान किया है कि मुंबई आतंकवादी हमलों के मुकदमे में अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का निर्वहन करने में वह अपनी उलझाऊ और देर करने की रणनीति छोड़ दे।’’

श्रीवास्तव ने कहा कि कई अन्य देशों ने भी पाकिस्तान से आतंकी हमलों के अपराधियों को जल्द से जल्द न्याय की जद में लाने का आह्वान किया है।

उन्होंने कहा, "यह गंभीर चिंता का विषय है कि सार्वजनिक रूप से अपनी स्वीकारोक्ति के साथ-साथ भारत द्वारा साझा किए गए सभी आवश्यक सबूतों की उपलब्धता के बावजूद पाकिस्तान ने 15 देशों के 166 पीड़ितों के परिवारों को न्याय दिलाने में ईमानदारी नहीं दिखायी है। जबकि हम 26-11 हमलों की 12 वीं बरसी के करीब हैं।’’

पाकिस्तान के पेशावर में 82 वर्षीय एक अहमदी व्यक्ति की हत्या से संबंधित रिपोर्टों के बारे में एक अलग सवाल का जवाब देते हुए श्रीवास्तव ने कहा कि यह पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति का दुखद प्रतिबिंब है।

उन्होंने कहा कि भारत अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और कल्याण के मुद्दों को लगातार पाकिस्तान की सरकार के साथ उठाता रहा है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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