लाइव न्यूज़ :

हमारी एक इंच जमीन पर भी कोई कब्जा नहीं कर सकता, शाह ने आईटीबीपी को ‘‘हिमवीर’’ करार दिया

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: December 31, 2022 15:57 IST

आईटीबीपी जवानों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि वे कठिन परिस्थितियों में सीमाओं की रक्षा करते हैं और उनके लिए ‘हिमवीर’ की उपाधि पद्म श्री और पद्म विभूषण से बड़ी है।

Open in App
ठळक मुद्दे शून्य से 42 डिग्री सेल्सियस से नीचे तापमान में वे कैसे हमारी सीमाओं की रक्षा करते हैं।इच्छाशक्ति और देशभक्ति की सर्वोच्च सेवा की भावना के साथ ही हो सकता है।आईटीबीपी अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख या जम्मू-कश्मीर में विषम भौगोलिक परिस्थितियों में काम करती है।

बेंगलुरुः केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की सराहना करते हुए उन्हें ‘‘हिमवीर’’ करार दिया और कहा कि जब वे सीमा पर गश्त कर रहे हैं, तो कोई देश की एक इंच जमीन पर भी अतिक्रमण नहीं कर सकता।

 

आईटीबीपी जवानों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि वे कठिन परिस्थितियों में सीमाओं की रक्षा करते हैं और उनके लिए ‘हिमवीर’ की उपाधि पद्म श्री और पद्म विभूषण से बड़ी है। शाह ने यहां आईटीबीपी के केंद्रीय गुप्तचर प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन करने के बाद कहा, ‘‘हम सोच भी नहीं सकते कि शून्य से 42 डिग्री सेल्सियस से नीचे तापमान में वे कैसे हमारी सीमाओं की रक्षा करते हैं।

यह दृढ़ इच्छाशक्ति और देशभक्ति की सर्वोच्च सेवा की भावना के साथ ही हो सकता है। आईटीबीपी अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख या जम्मू-कश्मीर में विषम भौगोलिक परिस्थितियों में काम करती है।’’ शाह ने कहा, ‘‘भारत के लोग आईटीबीपी के जवानों को ‘हिमवीर’ कहकर बुलाते हैं। यह उपाधि पद्म श्री और पद्म विभूषण जैसे नागरिक पुरस्कारों से भी बड़ी है।

जबकि, नागरिक पुरस्कार सरकारी उपाधि हैं, ‘हिमवीर’ भारत के लोगों द्वारा दी गई उपाधि है।’’ उन्होंने कहा कि सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में से आईटीपीबी मौसम की सबसे विषम परिस्थितियों में काम करता है। गृह मंत्री ने कहा, ‘‘मैं भारत-चीन सीमा को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हूं।

कभी चिंता नहीं करता, जब हमारे आईटीबीपी के जवान गश्त या डेरा डाले हुए हैं, तो वहां कोई भी हमारी एक इंच जमीन पर भी अतिक्रमण नहीं कर सकता है।’’ उन्होंने कहा कि भारत सरकार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के कर्मियों को अपने मुख्यालय में अपने परिवार के साथ समय बिताने के लिए 100 दिन प्रदान करने की योजना बना रही है। शाह ने कहा, ‘‘मानवीय दृष्टिकोण से यह आवश्यक है।’’

टॅग्स :अमित शाहआईटीबीपीचीनबेंगलुरु
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टप्रोफेसर राजू से चक्कर और नंबर भी खूब दे रहे तुम्हे?, सहपाठियों ने अफवाहें फैलाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, 22 वर्षीय मेडिकल छात्रा निकिता ने दी जान?, सुसाइड नोट मिला

क्राइम अलर्ट'मैं कसूरवार हूं', बच्चे की मौत का गम नहीं सह पाई मां, टेक-सिटी बेंगलुरु में महिला इंजीनियर ने की खुदखुशी

क्राइम अलर्टAI के कारण अमेरिका में नौकरी खो दी?, मुस्लिम लड़की शाज़िया सिराज से शादी, बेरोजगार सॉफ्टवेयर इंजीनियर बानू चंद्र रेड्डी और पत्नी ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखा-परिवार ने नहीं दिया साथ?

भारतएचएस फूलका ने आप को दिया झटका, बीजेपी में शामिल

क्राइम अलर्टशादी से पहले कई लड़के से संबंध, विवाह के बाद 'अमीर' दोस्तों के साथ शराब पार्टी?, सास आशा और ससुर माधव कृष्ण ने घर किया बर्बाद, पति ने परेशान होकर पत्नी पर लगाए आरोप

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया